तैयारी . आरएसएस का ‘बंगाल बचाओ’ अभियान

कोलकाता : विधानसभा के मद्देनजर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) ने ‘बंगाल बचाओ’ अभियान शुरू किया है. इस अभियान के तहत चुनाव के पूर्व आरएसएस के स्वयं सेवक घर-घर जाकर संपर्क अभियान चलायेंगे और ‘बंगाल बचाने’ के अभियान में शामिल होने का आह्वान करेंगे. आरएसएस के पश्चिम बंगाल इकाई के प्रवक्ता डॉ जिष्णु बसु ने […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | February 29, 2016 1:18 AM
कोलकाता : विधानसभा के मद्देनजर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) ने ‘बंगाल बचाओ’ अभियान शुरू किया है. इस अभियान के तहत चुनाव के पूर्व आरएसएस के स्वयं सेवक घर-घर जाकर संपर्क अभियान चलायेंगे और ‘बंगाल बचाने’ के अभियान में शामिल होने का आह्वान करेंगे. आरएसएस के पश्चिम बंगाल इकाई के प्रवक्ता डॉ जिष्णु बसु ने बताया कि यादवपुर विश्वविद्यालय में उग्र वाममंथी छात्र कश्मीर, मणिपुर की आजादी व अफजल गुरु के समर्थन में नारेबाजी करते हैं और राज्य प्रशासन व विश्वविद्यालय प्रशासन चुप्पी साधे रहता है.

राज्य में कालियाचक व खगड़सोल जैसी घटनाओं ने साबित कर दिया है कि राज्य उग्रवादियों की शरणस्थली बन गयी है. राज्य के सीमावर्ती इलाकों में जनसंख्या में हिंदुओं की संख्या घट रही है और बांग्लादेश से अवैध रूप से राज्य में प्रवेश करनेवालों की संख्या बढ़ रही है. इन मुद्दों पर राज्य के लोगों को जागरूक करना जरूरी है. इसी के मद्देनजर अभियान चलाया जा रहा है.

भाजपा में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं स्वयंसेवक
प्रदेश भाजपा में आरएसएस के स्वयंसेवक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का पालन कर रहे हैं. प्रदेश भाजपा के वर्तमान अध्यक्ष दिलीप घोष रएसएस के सक्रिय स्वयंसेवक हैं. इसके साथ ही प्रदेश भाजपा में सांगठनिक सचिव अमलेंदु चट्टोपाध्याय व सहायक सांगठनिक सचिव सुब्रत चट्टोपाध्याय व डॉ सुभाष सरकार सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं. इसके अतिरिक्त स्वयंसेवक कृष्णानु मित्रा, स्वरूपप्रसाद घोष तथा स्वरूप घोष भी प्रदेश भाजपा में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी का निर्वाह कर रहे हैं. रणनीति तय करने से लेकर जमीनी स्तर पर स्वयंसेवकों की महत्वपूर्ण भूमिका है.
सात मार्च को होगा बुद्धिजीवियों का सम्मेलन
डॉ बसु ने बताया कि विशेष राजनीतिक दल द्वारा बंगाल में जिस तरह का भारत विरोधी भावना को प्रश्रय दिया जा रहा है. राज्य के प्रबुद्ध व बुद्धिजीवी लोगों को इसके खिलाफ आवाज उठाने की जरूरत है. इसके मद्देनजर सात मार्च को बुद्धिजीवियों का सम्मेलन आयोजित किया गया है. आइसीसीअार में होनेवाले इस सम्मेलन में प्रसिद्ध मीडियाकर्मियों से लेकर बुद्धिजीवियों को अामंत्रित किया गया है.