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मोबाइल खरीदा नहीं, घर पहुंचे रुपये वसूलने

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कोलकाता. किसी भी दुकान से मोबाइल नहीं खरीदने के बावजूद फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों द्वारा घर आकर जबरन रुपये मांगने से परेशान होकर एक महिला ने इसकी शिकायत लालबाजार के धोखाधड़ी विभाग में दर्ज करायी है. इसकी जांच करने पर पुलिस को ठगी के एक गिरोह का पता चला है, जो लोगों के कागजात में […]

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कोलकाता. किसी भी दुकान से मोबाइल नहीं खरीदने के बावजूद फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों द्वारा घर आकर जबरन रुपये मांगने से परेशान होकर एक महिला ने इसकी शिकायत लालबाजार के धोखाधड़ी विभाग में दर्ज करायी है. इसकी जांच करने पर पुलिस को ठगी के एक गिरोह का पता चला है, जो लोगों के कागजात में कारगुजारी कर उसके जरिये कीमती मोबाइल खरीद कर कंपनी को ठगते थे.

इस मामले में दो बदमाशों राज कुमार माइति (36) व प्रीतम चक्रवर्ती (26) को गिरफ्तार किया गया है. दोनों दक्षिण कोलकाता के हरिदेवपुर व रिजेंट पार्क के रहनेवाले हैं. इस गिरोह की मुखिया एक शातिर महिला है, जो फिलहाल पुलिस की पकड़ के बाहर है. पुलिस उसकी तलाश कर रही है.

क्या है मामला
कोलकाता पुलिस के संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) देवाशीष बोराल ने बताया कि 29 फरवरी को पियाली चक्रवर्ती उनके पास एक फाइनेंस कंपनी के खिलाफ शिकायत लेकर आयी. महिला का आरोप था कि 72 हजार रुपये का मोबाइल खरीद कर रुपये नहीं चुकाने का आरोप लगा कर कुछ लोग उसके घर आकर उसे लगातार परेशान कर रहे हैं और उससे मोबाइल के पूरे रुपये मांग रहे हैं, जो उसने कभी खरीदा ही नहीं है. शिकायत दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि 18 दिसंबर को पियाली चक्रवर्ती के नाम पर एक दुकान से 72 हजार रुपये का एक मोबाइल इंस्टॉलमेंट पर खरीदा गया है. दो महीने से उसके रुपये बैंक में जमा नहीं हुए. इसके कारण फाइनेंस कंपनी के अधिकारी ने कार्रवाई की. दुकान में लगे सीसीटीवी फुटेज की पुलिस ने जांच की, तो पता चला कि मोबाइल खरीदनेवाली महिला पियाली नहीं, बल्कि दूसरी महिला है, जिसने उसके कागजात से उक्त मोबाइल फोन को उस दुकान से खरीदा है.
मोबाइल के मालिक तक पहुंची पुलिस
जांच के दौरान पुलिस खरीदे गये 72 हजार के मोबाइल के इएमइआइ नबंर की जांच कर उसके मौजूदा मालिक तक पहुंची और उससे पूछताछ की. पूछताछ में उसने बताया कि इस मोबाइल को उसने किसी अन्य दुकान से पूरी रकम देने के बाद खरीदा है. इसके बाद पुलिस नकद रुपये लेकर मोबाइल बेचनेवाले दूसरे दुकानदार तक पहुंची और उससे पूछताछ की. पूछताछ में उस दुकानदार ने राज कुमार माइति अौर प्रीतम चक्रवर्ती का नाम बताया और इन दोनों से ही मोबाइल खरीदने की बात कही. इसके बाद पुलिस इन दोनों से पूछताछ की, जिसमें पुलिस को पता चला कि सीसीटीवी फुटेज में दिखनेवाली महिला ही मास्टरमाइंड है. उसी ने उस दिन दुकान से मोबाइल खरीदा था. उस मोबाइल को इन दोनों को दूसरी दुकान में बेचने को दिया था. पूरी जानकारी के बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया.

जांच में पुलिस को पता चला कि लोगों का वोटर आइडी कार्ड, पैनकार्ड व आधार कार्ड हासिल कर यह गिरोह उस कागजात में कारगुजारी कर उसी व्यक्ति के नाम पर बैंकों में फरजी अकाउंट खोलते हैं. इसके बाद उसी कागजात के जरिये फाइनेंस कंपनियों से कीमती इलेक्ट्रॉनिक सामान इंस्टॉलमेंट में खरीद कर फरार हो जाते हैं. उधर रुपये बैंक में जमा नहीं होने पर कंपनी के लोग जब रुपये वसूलने असली व्यक्ति के घर जाते हैं, तब इसका खुलासा होता है. इस गिरोह ने अब तक ऐसे कितने लोगों के साथ ठगी की है, दोनों से पूछताछ कर इसका पता लगाया जा रहा है. पुलिस का अनुमान है कि गिरोह अब तक कई लोगों को शिकार बना चुका है.

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