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सिलीगुड़ी में भीषण आग, दो बच्चों की मौत

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सिलीगुड़ी. सिलीगुड़ी में भीषण अग्निकांड ने व्यापक तबाही मचायी है़ जहां दो बच्चों की दर्दनाक मौत मौके पर ही हो गयी वहीं, छह दुकानें जलकर खाक हो गयी़ इसके साथ ही लाखों के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है. यह आग सोमवार तड़के सेवक रोड के पायल सिनेमा हॉल के सामने सड़क किनारे बनी […]

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सिलीगुड़ी. सिलीगुड़ी में भीषण अग्निकांड ने व्यापक तबाही मचायी है़ जहां दो बच्चों की दर्दनाक मौत मौके पर ही हो गयी वहीं, छह दुकानें जलकर खाक हो गयी़ इसके साथ ही लाखों के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है. यह आग सोमवार तड़के सेवक रोड के पायल सिनेमा हॉल के सामने सड़क किनारे बनी दुकानों में लगी. सूचना पाते ही सिलीगुड़ी अग्निशमन केंद्र से तीन इंजनों के साथ दमकल कर्मी, भक्तिनगर थाना की पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे. कड़ी मशक्कत के बाद आग को काबू किया जा सका. इस अग्निकांड में राधेश्याम महतो के होटल के अलावा रमेश राय की बिरयानी दुकान, मुकेश ठाकुर का सैलून समेत छह दुकानें पूरी तरह स्वाहा हो गयीं.

प्राथमिक जांच के बाद दमकल विभाग का कहना है कि शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगी होगी. दमकल अधिकारियों का कहना है कि होटल में गैस सिलेंडर का इस्तेमाल नहीं होता था. लकड़ी भट्टी में खाना पकाया जाता था. दमकल विभाग की ओर से जांच की जा रही है. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मृत बच्चे राधेश्याम महतो के होटल के भीतर बंद थे. होटल के दरवाजे पर बाहर से ताला लगा था. दोनों भीतर से लगातार चित्कार कर रहे थे. ताला तोड़कर जब दोनों को बचाने की कोशिश की गयी़ दोनों को हाथों-हाथ सिलीगुड़ी अस्पताल पहुंचाया गया. जहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया. दोनों का पूरा शरीर झूलस गया था. स्थानीय एक व्यक्ति ने बताया कि राधेश्याम महतो मूलरूप से बिहार का बाशिंदा है और यहां परेशनगर में रहता है. वह हमेशा बिहार से बच्चों को लाकर अपने होटल में काम करवाता है. दिन भर काम करवाकर बच्चों को होटल में ही सुला देता है. होटल में बाहर से ताला लगाकर राधेश्याम खुद अपने घर चला जाता है.

एक व्यक्ति मदन लाल अग्रवाल ने बताया कि वह हमेशा इस होटल में खाने आते थे. बच्चों की मौत की घटना पर उन्होंने अफसोस जाहिर करते हुए कहा हम लोग दोनों को प्यार से छोटू व कालू कहकर पुकारते थे. दोनों बहुत प्यारे बच्चे थे. असली नाम कोई नहीं जानता. बच्चों की मौत से आक्रोशित लोगों ने इन दुकानों की वैधता पर भी सवाल उठाया है. लोगों का कहना है कि शहर के सड़क-फुटपाथ दखल कर सैकड़ों दुकानें अवैध तरीके से धड़ल्ले से चल रही हैं. सुरक्षा कारणों से ऐसे दुकानों को दमकल विभाग से फायर लाइसेंस नहीं मिलता, तो फिर इन दुकानों को ट्रेड लाइसेंस व अन्य सरकारी लाइसेंस कैसे मुहैया हो जाता है.

साथ ही आक्रोशित लोगों ने बताया कि डेढ़-दो वर्ष पहले भी इसी जगह आग लगी थी. उस समय भी सात-आठ दुकानें पूरी तरह जल चुकी थी. लोगों का कहना है कि इन अवैध दुकानों का मुख्य मालिक राम चंद्र है, जो फुटपाथ-सड़क दखल कर वर्षों से इन अवैध दुकानों को भाड़े में देने का काम कर रहा है़ वह कई दुकानें अवैध तरीके से बिक्री भी कर चुका है. हालांकि राम चंद्र ने अपने उपर लगाये गये आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उनकी केवल एक छोटी सी चाय-बिस्कुट की गुमटी है. इस अग्निकांड में उसकी गुमटी भी पूरी तरह जल चुकी है.

यही एक गुमटी के अलावा अन्य कोई दुकान व गुमटी नहीं है. भक्तिनगर थाना के इंस्पेक्टर अनुपम मजुदार ने बताया कि अग्निकांड में दो बच्चों की मौत के मद्देनजर होटल मालिक राधेश्याम महतो को पुलिस तलाश कर रही है. फिलहाल वह फरार है. संभावित ठिकानों पर पुलिस नजर रखे हुए है और छापामारी कर रही है. श्री मजुमदार ने बताया कि होटल को बाहर से बंद करने की वजह, मृत बच्चों के नाम, उम्र और ठिकाने की विस्तृत जानकारी का खुलासा राधेश्याम की गिरफ्तारी के बाद ही हो सकेगा.

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