पार्थ की पीएचडी थीसिस पर विश्वविद्यालय की जांच तक सुनवाई नहीं

कोलकाता. कलकत्ता हाइकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश मंजुला चेल्लूर ने स्पष्ट किया कि शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी की पीएचडी थीसिस पर सुनवाई यूनिवर्सिटी की अपनी जांच पूरी होने तक नहीं होगी. हाइकोर्ट में आवेदनकारी सौरभ मंडल द्वारा दायर जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि यदि पीएचडी थीसिस पर शिकायत आती है […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | May 14, 2016 1:25 AM
कोलकाता. कलकत्ता हाइकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश मंजुला चेल्लूर ने स्पष्ट किया कि शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी की पीएचडी थीसिस पर सुनवाई यूनिवर्सिटी की अपनी जांच पूरी होने तक नहीं होगी. हाइकोर्ट में आवेदनकारी सौरभ मंडल द्वारा दायर जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि यदि पीएचडी थीसिस पर शिकायत आती है तो शंका के बादलों को दूर करना होगा, लेकिन इस संबंध में अभी वह कोई निर्देश नहीं दे सकती, क्योंकि संबंधित विश्वविद्यालय द्वारा गत 22 अप्रैल से कार्रवाई शुरू कर दी गयी है. राज्य सरकार ने पहले ही कह दिया है कि इस जांच को पूरा करने में उन्हें तीन महीने का वक्त लगेगा.

यह जांच पूरी होने देनी चाहिए. इसके बाद सभी पक्षों को सुनने के बाद वह उपयुक्त निर्देश देंगी. यदि इसके बाद किसी को कोई शिकायत रहती है तो वह किसी भी अदालत में जा सकते हैं. याचिका में भी कई खामियां हैं. आवेदनकारी के वकील सब्यसाची चटर्जी थे.