सेवा ही भक्ति का मार्ग

कोलकाता. सेवा ही भक्ति का मार्ग है. धर्म मनुष्य के बीच दूरी नहीं बनाता. यह लोगों को जोड़ता है. मानव में ही देवता निवास करते हैं. इसलिए हमें अपने जीवन में सेवा भाव को अपनाना चाहिए. ये बातें पश्चिम बंगाल सरकार की महिला व बाल कल्याण मंत्री डाॅ शशि पांजा ने कहीं. वह शुक्रवार को […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | August 26, 2016 7:02 AM
कोलकाता. सेवा ही भक्ति का मार्ग है. धर्म मनुष्य के बीच दूरी नहीं बनाता. यह लोगों को जोड़ता है. मानव में ही देवता निवास करते हैं. इसलिए हमें अपने जीवन में सेवा भाव को अपनाना चाहिए. ये बातें पश्चिम बंगाल सरकार की महिला व बाल कल्याण मंत्री डाॅ शशि पांजा ने कहीं. वह शुक्रवार को महानगर के बागबाजार स्थित गौड़ीय मिशन में जन्माष्टमी महोत्सव कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल थी. उन्होंने श्री कृष्ण को सबसे बड़ा राजनीतिक व्यक्तित्व बताया व कहा कि उनकी प्रासंगिकता कभी समाप्त नहीं होगी.
इस अवसर पर मालदा स्थित गौर बंग विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो गोपाल चंद्र मिश्रा ने भगवान की भक्ति व भाव पर ज्ञानवर्धक व्याख्यान दिया. कार्यक्रम के अन्य विशिष्ट अतिथियों में प्रभात खबर कोलकाता के संपादक तारकेश्वर मिश्रा, पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल व कलकत्ता तथा इलाहाबाद हाइकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश श्यामल सेन, उद्योगपति व समाजसेवी तथा कलकत्ता हाइकोर्ट की लोक अदालत के पूर्व न्यायाधीश डाॅ हरि प्रसाद कानोड़िया, उद्योगपति जेके सराफ, रतन लाल अग्रवाल, समाजसेवी भोला सोनकर आदि शामिल थे.
कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन करते हुए मिशन के ऋषिकेश महाराज से अगले वर्ष मार्च तक विश्व के पहले श्री चैतन्य महाप्रभु संग्रहालय के उदघाटन की संभावना व्यक्त करते हुए इसके निर्माण में समाज के विशिष्ट जनों से मुक्त हस्त दान करने की अपील की. अपनी अस्वस्थता के बाद भी मिशन के प्रमुख श्रीमद भक्ति सुहृद परिव्राजक गोस्वामी महाराज ने आगत अतिथियों व श्रद्धालुओं के प्रति कृतज्ञता प्रकट की.