बंगाल में फिर लौटी भूमि आंदोलन की राजनीति
कोलकाता. दक्षिण 24 परगना जिले के भांगड़ में पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के सब स्टेशन के निर्माण को लेकर तृणमूल कांग्रेस के जबरदस्त विरोध से जूझने के बीच विपक्षी भाजपा एवं माकपा ने आज दावा किया कि पश्चिम बंगाल में राजनीति एक बार फिर उसी जगह आ गयी है और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी […]
कोलकाता. दक्षिण 24 परगना जिले के भांगड़ में पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के सब स्टेशन के निर्माण को लेकर तृणमूल कांग्रेस के जबरदस्त विरोध से जूझने के बीच विपक्षी भाजपा एवं माकपा ने आज दावा किया कि पश्चिम बंगाल में राजनीति एक बार फिर उसी जगह आ गयी है और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी जमीन अधिग्रहण विरोधी आंदोलन का सामना कर रही हैं. ममता बनर्जी ने तब इतिहास रचा था, जब वह जमीन अधिग्रहण विरोधी आंदोलन पर सवार होकर राज्य में वाममोरचा के 34 साल के शासन पर पूर्ण विराम लगाते हुए उससे सत्ता छीन ली थी.
भाजपा सचिव सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि सिंगूर और नंदीग्राम की साया ममता बनर्जी का पीछा करने के लिए लौट आयी है. उन्होंने कहा था कि जमीन अधिग्रहण जबरन नहीं किया जाना चाहिए. हालांकि हमने जो देखा है, वह भांगड़ में बिल्कुल उलट है. उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल पुलिस की मदद से तृणमूल कांग्रेस के गुंडों ने किसानों को उनकी जमीन से हटाने के लिए हिंसक तौर-तरीके को अपनाया है, जिससे कई मौतें हुईं और कई घायल हुए हैं.
गरीब लोगों एवंं किसानों के प्रति ममता की नीति उससे बिल्कुल भिन्न है, जब वह विपक्ष में थीं. यह असंवेदनशील है, जब वह सत्ता में हैं. श्री सिंह ने दावा किया कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि ममता वही कर रही हैं, जो माकपा ने सिंगूर और नंदीग्राम में किया था. राजनीति एक बार फिर उसी जगह आ गयी है, अतएव तृणमूल को वाम की प्रतिच्छाया बताया गया है.
