माध्यमिक परीक्षा : जिलों में नकल की शिकायत

कोलकाता : माध्यमिक परीक्षा के प्रथम दिन लगभग 10,71,717 परीक्षार्थियों ने बुधवार को प्रथम भाषा (हिंदी, उर्दू व बंगला) की परीक्षा दी. सभी परीक्षा केंद्रों पर शिक्षा बोर्ड की टीम ने निरीक्षण किया हालांकि दूर-दराज के जिलों में कुछ परीक्षा केंद्रों में छात्रों द्वारा नकल करने की शिकायतें मिली हैं लेकिन बोर्ड के प्रशासक कल्याणमय […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | February 23, 2017 8:32 AM
कोलकाता : माध्यमिक परीक्षा के प्रथम दिन लगभग 10,71,717 परीक्षार्थियों ने बुधवार को प्रथम भाषा (हिंदी, उर्दू व बंगला) की परीक्षा दी. सभी परीक्षा केंद्रों पर शिक्षा बोर्ड की टीम ने निरीक्षण किया हालांकि दूर-दराज के जिलों में कुछ परीक्षा केंद्रों में छात्रों द्वारा नकल करने की शिकायतें मिली हैं लेकिन बोर्ड के प्रशासक कल्याणमय गांगुली ने इस बात से इनकार कर दिया. उनका कहना है कि सभी परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई.

राज्य के कुछ जिलों जैसे उत्तर दिनाजपुर व मालदा में कुछ परीक्षा केंद्रों पर नकल की सूचना मिली है, लेकिन इसकी कोई पुष्टि नहीं हुई है. ईटाहार के एक स्कूल में छात्रों द्वारा अपने मोजे से चिट निकाल कर नकल करने की शिकायत मिली है. वे छात्र बाथरुम जाने के बहाने बाहर निकल कर नकल कर रहे थे लेकिन बोर्ड ने इसको निराधार बताया है.

अध्यक्ष का कहना है कि छात्र परीक्षा हॉल के अंदर इनविजिलेटर की देखरेख में परीक्षा दे रहे थे. इस बार प्रश्नपत्रों को इतना सरल बनाया गया है कि कमजोर छात्र भी ऑब्जेक्टिव प्रश्नों के जवाब देकर आराम से पास हो सकते हैं. प्रश्नपत्र में मल्टीपल चॉइस व ऑब्जेक्टिव प्रश्नों का विकल्प रखा गया है. यहां नकल की कोई संभावना नहीं है. कुछ शिक्षकों ने बताया कि हिंदी के प्रश्नपत्र दो में कुछ भूल है. इसमें नीचे दिये गये सभी 23 ऑब्जेक्टिव प्रश्न करने के लिए कहा गया है, जबकि छात्रों को एक अंक के हिसाब से मात्र 19 प्रश्नों के उत्तर देने हैं.

इसके अलावा हिंदी के प्रश्नपत्र में कोई भूल नहीं हुई है लेकिन ऊर्दू में एक छोटी सी त्रुटि हुई है. उर्दू के प्रश्नपत्र 11 नंबर प्रश्न में तीन विकल्प में से दो का उत्तर देना था लेकिन प्रश्नपत्र में एक ही विकल्प दिया हुआ था. इसके अलावा उर्दू के पेपर में चार प्रश्न ऐसे दिये गये थे, जिसका उत्तर 125 शब्दों में देना था. इस प्रश्न के लिए केवल एक अंक निर्धारित किया गया था, इसको लेकर भी छात्र काफी परेशान रहे. इस विषय में शालीमार हिंदी हाइ स्कूल के शिक्षक प्रभारी अवधेश कुमार राय का कहना है कि उनके यहां प्रथम भाषा के रूप में उर्दू व बांग्ला की परीक्षा हुई.

यहां तीन स्कूलों के 190 छात्र परीक्षा में बैठे थे. हावड़ा शिक्षा निकेतन के हेडमास्टर अरविंद कुमार राय का कहना है कि उनके यहां विवेकानंद इंस्टिट्यूट स्कूल का सेंटर पड़ा था. परीक्षा में छात्रों को कोई असुविधा नहीं हुई. छात्रों के हित में इस बार अलग पैटर्न से प्रश्नपत्र बोर्ड ने तैयार किया था. इसमें मल्टीपल चॉइस व ऑब्जेक्टिव टाइप के प्रश्नों के लिए 36 अंक दिये गये थे. छात्र आराम से बढ़िया अंक हासिल कर सकते हैं. प्रश्नपत्र में सब्जेक्टिव टाइप के प्रश्न कम हैं, जिससे छात्रों को कोई दिक्कत नहीं हुई.