कलियुग के नारद पर आरएसएस मेहरबान

कोलकाता: नारद न्यूज पोर्टल की ओर से तृणमूल कांग्रेस के नेताओं के स्टिंग की सुर्खियां और उसके बाद उठा विवाद अभी थमा नहीं है कि अब राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) ने कलियुग के ‘नारद’ (पत्रकारों) पर मेहरबान होकर सरकार की परेशानियों को और भी बढ़ाने की कवायद शुरू कर दी है. हिंदू धर्म ग्रंथों […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
कोलकाता: नारद न्यूज पोर्टल की ओर से तृणमूल कांग्रेस के नेताओं के स्टिंग की सुर्खियां और उसके बाद उठा विवाद अभी थमा नहीं है कि अब राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) ने कलियुग के ‘नारद’ (पत्रकारों) पर मेहरबान होकर सरकार की परेशानियों को और भी बढ़ाने की कवायद शुरू कर दी है. हिंदू धर्म ग्रंथों में महर्षि नारद की महिमा को देवलोक से लेकर भूलोक के लोगों ने स्वीकार किया था. अब आरएसएस ने मीडिया में घुसपैठ के लिए नारद जयंती का हथियार बनाया है.

शनिवार को नारद जयंती पर आरएसएस के शाखा संगठन विश्व संवाद केंद्र द्वारा महाजाति सदन के एनेक्सी हॉल में आयोजित कार्यक्रम में तीन ‘राष्ट्रवादी पत्रकारों’ को सम्मानित किया जायेगा. उल्लेखनीय है कि इन तीन ‘राष्ट्रवादी पत्रकारों’ में ‘कच्चा’ नाम के सोशल मीडिया के ग्रुप भी हैं, जिन्होंने मालदा के कालियाचक और हावड़ा के धूलागढ़ में कथित रूप से हुए सांप्रदायिक दंगों के फोटो व वीडियो पोस्ट किये थे और उनकी पूरे देश में चर्चा हुई थी. विश्व संवाद केंद्र के संयोजक विप्लव राय ने प्रभात खबर को बताया कि कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी, वरिष्ठ पत्रकार डॉ पार्थ चट्टोपाध्याय व राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख डॉ मनमोहन वैद्य को उपस्थित रहने के लिए आमंत्रित किया गया है, लेकिन श्री त्रिपाठी के अस्वस्थ होने के कारण उनके कार्यक्रम में उपस्थित होने की संभावना नहीं है.

धूलागढ़ व कालियाचक की घटना की रिपोर्टिंग के लिए सम्मान
श्री राय ने कहा कि कालियाचक व धूलागढ़ की घटनाओं के कवरेज में सोशल मीडिया ग्रुप ने गजब का साहस दिखाया था तथा धरातल स्तर पर हो रही हिंसा की रिपोर्ट पोस्ट की थी, लेकिन बंगाल के अन्य मीडिया ग्रुप ने इसे नजरअंदाज कर दिया था. अगर इस तरह की घटनाएं बंगाल के बाहर होतीं, तो पूरा देश हिल जाता. ऐसी स्थिति में इस ग्रुप ने जिस साहस का परिचय दिया था. उसकी सराहना होनी चाहिए क्योंकि उन्होंने सत्य को सामने लाने का साहस किया था, इसके लिए उन्हें सम्मानित करने का फैसला किया गया है.
पूरे बंगाल में सात कार्यक्रमों का होगा आयोजन
श्री राय ने कहा कि बंगाल के सात शहरों में नारद जयंती के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा तथा पत्रकारों को सम्मानित किये जाने का कार्यक्रम है. इनमें उत्तर बंगाल में कूचबिहार, सिलीगुड़ी, मालदा और रायगंज जबकि दक्षिण बंगाल में कोलकाता, आसनसोल और खड़गपुर में नारद जंयती के अवसर पर कार्यक्रम के आयोजन की योजना है.
पहले हिंदी समाचार पत्र की वार्षिकी का आयोजन
श्री राय ने कहा कि लगभग 190 वर्ष पहले इसी दिन देश का पहला हिंदी समाचार पत्र ‘उदयंत मार्तंड’ शुरू हुआ था. इस अवसर पर उदयंत मार्तंड की 190वीं वार्षिकी का भी पालन किया जायेगा.
क्या है विश्व संवाद केंद्र
आरएसएस से संबद्ध विश्व संवाद केंद्र की स्थापना 1994 में हुई थी. इसका उद्देश्य पत्रकारिता से जुड़े कार्य करना है. श्री राय ने कहा कि विश्व संवाद केंद्र द्वारा राज्य के वरिष्ठ पत्रकारों को लेकर सात सदस्यीय कमेटी का गठन किया था. इस कमेटी में वरिष्ठ पत्रकार असीम मित्रा सहित अन्य पत्रकार शामिल थे. उन लोगों ने ही ‘राष्ट्रवादी पत्रकारों’ का चयन किया है. पूरे देश में इस तरह के कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा.
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