पूर्वोत्तर के राज्यों की बेहतर कनेक्टिविटी से होगा विकास

कोलकाता. आसियान देशों के साथ हमारे देश के रिश्ते और व्यापार बेहतर बेहतर हों, इसके लिए हमें अपने नाॅर्थ-ईस्ट के राज्यों का देश के बाकी हिस्सों के साथ यातायात के साधनों को और बेहतर व मजबूत करना होगा, जो आज नहीं है. लेकिन पिछले तीन वर्षों में इस दिशा में काफी काम हुए हैं. ये […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | May 31, 2017 7:01 AM
कोलकाता. आसियान देशों के साथ हमारे देश के रिश्ते और व्यापार बेहतर बेहतर हों, इसके लिए हमें अपने नाॅर्थ-ईस्ट के राज्यों का देश के बाकी हिस्सों के साथ यातायात के साधनों को और बेहतर व मजबूत करना होगा, जो आज नहीं है. लेकिन पिछले तीन वर्षों में इस दिशा में काफी काम हुए हैं. ये बातें केंद्र सरकार के नीति आयोग (यातायात) के सलाहकार डॉ मनोज सिंह ने कहीं. मंगलवार को भारत चेंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा महानगर के एक होटल में आयोजित एक्ट ईस्ट : इंडिया आसियान जर्नी विषयक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए श्री सिंह ने कहा कि पूर्वोत्तर राज्यों के सभी मीटर गेज रेलवे लाइनों को ब्रॉडगेट में परिवर्तन किया जा रहा है. ऐसा करने से ट्रेनों की रफ्तार बेहतर होगी. लाइनों का ब्रॉडगेज में परिवर्तन का कार्य तेजी से चल रहा है.

नाॅर्थ फ्रांटियर रेलवे में पड़नेवाले ब्राह्मपुत्र के नाॅर्थ बैंक के रंगीया से मुरकैन सैलेक तक कुल तीन हजार किलोमीटर तक मीटर गेज को ब्रॉडगेज में परिवर्तन करने का काम चल रहा है. इस योजना पर वैसे को काफी दिनों से काम चल रहा है. इस परियोजना में पहले और वर्तमान के खर्चों का योग करें, तो कुल 40 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. श्री सिंह ने कहा कि इस योजना के 2020 तक पूरा होने की संभावना है.

श्री सिंह ने कहा कि भारत और म्यांमार को भी रेल लाइन से जोड़ने की संभावना है. मणिपुर की राजधानी इंफाल से म्यांमार को रेल लींक से जोड़ने की योजना पर काम चल रहा है. इस दौरान विदेश मामलों के मंत्रालय (मिनिस्ट्री ऑफ एक्सटरनल अफेयर्स/आसियान -एएल) संयुक्त सचिव अनुराग भूषण ने कहा कि विकास के लिए यातायात के साधनों को बेहतर करने के साथ ही हमारी प्रायोरिटी में डिजिटलाइजेशन और उन्नत तकनीकी साधन भी है. इसके साथ ही श्री इंडियन काउंसिल ऑफ वर्ल्ड अफेयर के ज्वाइंट सेक्रेटरी पीयूष श्रीवास्तव ने कहा कि पूर्वोत्तर के विकास के बगैर आसियान देशों से ठोस संबंध नहीं बन सकता है. कार्यक्रम में मुख्य रूप से डायरेक्टर जनरल इंडियन चेंबर ऑफ कॉमर्स डॉ रजीव सिंह उपस्थित रहे.