ममता बनर्जी के बयान पर भाजपा विधायक ने किया पलटवार
कोलकाता.भाजपा विधायक अग्निमित्रा पॉल ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि ममता बनर्जी का बयान राष्ट्र विरोधी है, जिसके लिए उनके खिलाफ यूएपीए के तहत मामला होना चाहिए. गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने पिछले दिनों एक सभा में कहा था कि बंगाल जलेगा, तो पूरा भारत जलेगा. उनके इस बयान पर शुक्रवार को कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा विधायक अग्निमित्रा ने कहा कि यह राष्ट्रविरोधी की भाषा है और उन पर यूएपीए अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की मांग की. आरजी कर घटना के खिलाफ यहां भाजपा महिला मोर्चा द्वारा आयोजित राज्य महिला आयोग कार्यालय पर तालाबंदी अभियान के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए पाॅल ने कहा कि बंगाल की मुख्यमंत्री का बयान पूरी तरह से राष्ट्रविरोधी की भाषा है. अगर कोई और ऐसी बातें कहता, तो उसके खिलाफ यूएपीए के तहत मामला दर्ज होता. इसलिए हमारी मांग है कि अधिवक्ता विनीत जिंदल अदालत से कहें कि ममता बनर्जी को गिरफ्तार किया जाये और उनके खिलाफ यूएपीए का मामला दर्ज किया जाये. सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता विनीत जिंदल ने ममता की कथित भड़काऊ टिप्पणी को लेकर गुरुवार को दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज करायी थी. आरजी कर घटना के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर ममता ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर राज्य में आग लगवाने का आरोप लगाते हुए कहा था कि यदि बंगाल जला, तो असम, बिहार, यूपी, झारखंड, ओडिशा और दिल्ली भी जलेंगे. भाजपा विधायक ने कहा कि एक मुख्यमंत्री की तरफ से इस तरह के डराने वाले बयान देना लोकतंत्र के लिए खतरा पैदा करता है.
इस मौके पर लॉकेट चटर्जी ने पुलिस की आलोचना करते हुए कहा कि पुलिस राज्य में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकती. वे आरजी कर अस्पताल अपराध से संबंधित सबूतों को नष्ट होने से नहीं रोक सकते, लेकिन शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर बेरहमी से लाठीचार्ज कर सकते हैं. हमारा विरोध प्रतीकात्मक और शांतिपूर्ण है. पुलिस इतनी डरी हुई क्यों है?
मुख्यमंत्री पर लगाया मामले को दबाने का आरोप
अग्निमित्रा पॉल ने आरजी अस्पताल में महिला चिकित्सक के साथ दुष्कर्म व हत्या की घटना को लेकर भी घेरते हुए कहा कि ममता बनर्जी ने इसे आत्महत्या बताकर और सबूतों से छेड़छाड़ करके मामले को दबाने की कोशिश की. उन्होंने ममता की आलोचना करते हुए कहा कि आरजी कर के पूर्व प्रिंसिपल डाॅ संदीप घोष को बर्खास्त नहीं किया गया, बल्कि नेशनल मेडिकल कालेज और बाद में स्वास्थ्य मंत्रालय में ओएसडी के पद पर स्थानांतरित कर दिया गया. उन्होंने कहा कि यह चालाकी काम नहीं आयेगी. जब उनकी चालाकी पकड़ी गयी, तो वह कह रही हैं कि वह सब कुछ जला देंगी. उन पर यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया जाना चाहिए. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की वरिष्ठ महिला नेताओं और पार्टी की महिला मोर्चे की सदस्यों ने आरजी कर अस्पताल में एक डॉक्टर के साथ बलात्कार और उसकी हत्या के मामले में राज्य महिला आयोग की कथित चुप्पी को लेकर शुक्रवार को यहां अलग-अलग रैलियां निकालीं. ये रैलियां महिला आयोग के कार्यालय की ओर निकाली गयीं. इस मौके पर अग्निमित्रा पॉल, देबश्री चौधरी, लॉकेट चटर्जी सहित वरिष्ठ भाजपा महिला नेताओं के नेतृत्व में एक अन्य रैली को भी महिला आयोग के कार्यालय के रास्ते में पुलिस अवरोध का सामना करना पड़ा.
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