संवाददाता, कोलकाता
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नबान्न में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि जिनकी नौकरी गयी है, उनलोगों ने न्याय के लिए डिप्राइव टीचर्स एसोसिएशन नाम से संगठन बनाया है. एसोसिएशन ने शिक्षा मंत्री से अनुरोध किया है कि वे सभी एक जगह मिलना चाह रहे हैं. सात अप्रैल को वह खुद उनसे मिलने के लिए जायेंगी. उनकी बात सुनेंगी. 12.15 बजे वह नेताजी इंडोर पहुचेंगी. उन्होंने कहा कि धैर्य नहीं खोयें. किसी तरह का मानसिक दबाव नहीं लें. अदालत ने आवेदन करने को कहा है. प्रक्रिया शुरू होने पर आप जरूर आवेदन करें. मुख्यमंत्री ने कहा कि अदालत का फैसला भले ही हमारे खिलाफ गया है, लेकिन अदालत ने दो रास्ते भी दिखाये हैं. फैसले को मान कर हम कदम उठायेंगे. मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि यदि इतनी बड़ी संख्या में नौकरी रद्द होगी, तो स्कूलों में पढ़ायेगा कौन. जिनकी नौकरी रद्द हुई है, उसमें 11,610 नौंवी व 10वीं में पढ़ाते थे. 11वीं व 12वीं में 5,596 शिक्षक पढ़ा रहे थे. बाकी अन्य कक्षाओं के थे. इनमें से अधिकतर माध्यमिक व उच्च माध्यमिक की उत्तर पुस्तिका की जांच कर रहे थे. मुख्यमंत्री ने साफ किया कि शीर्ष अदालत ने जो समय दिया है, उस समय में ही काम शुरू कर देंगे.
उन्होंने यह भी कहा कि एसएससी एक स्वशासित बॉडी है. इसमें सरकार दखल नहीं देती है. शिक्षा मंत्री को सरकार का रुख एसएससी को बताने को कहा है. एसएससी जैसा समझे, वह अपनी तरह से काम करेगी. हम चाहते हैं कि सबकुछ जल्द हो. उन्होंने कहा कि तत्कालीन शिक्षा मंत्री को जेल में रखा गया है. लंबे समय से वह जेल में बंद हैं. एक व्यक्ति के अपराध की सजा इतने लोगों को क्या मिलती है?
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