कोलकाता. ज्वाइंट प्लेटफॉर्म ऑफ डॉक्टर्स (जेपीडी) और अभया मंच की ओर से संयुक्त रूप से दोपहर चार बजे सॉल्टलेक सेक्टर-5 स्थित स्वास्थ्य विभाग कार्यालय ””स्वास्थ्य भवन”” के सामने सभा की गयी. इस सभा के बाद उक्त दोनों संगठनों की ओर से विभिन्न मांगों पर स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों को ज्ञापन सौंपने की योजना थी, लेकिन चिकित्सकों को इसकी अनुमति नहीं मिली. पुलिस की ओर से चिकित्सकों को बताया गया कि कोई भी अधिकारी चिकित्सकों के ज्ञापन स्वीकार नहीं करेंगे. यह जानकारी जेपीडी के वरिष्ठ सदस्य प्रो. डॉ मनास गुमटा ने दी. उन्होंने बताया कि उनसे कहा गया कि आप लोग अपना ज्ञापन पुलिस को सौंप दें. उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों ने डॉक्टरों और प्रदर्शनकारियों के साथ दुर्व्यवहार किया. अभया आंदोलन के दबाव में राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने स्वास्थ्य क्षेत्र में भ्रष्टाचार और धमकी संस्कृति के दो मुख्य आरोपियों डॉ अविक दे और डॉ विरुपाक्ष विश्वास को निलंबित कर दिया गया था और एक जांच समिति गठित की गयी थी. इस जांच समिति में चार सरकारी मेडिकल कॉलेजों के प्रिंसिपल शामिल थे. हमें बताया गया है कि उन्होंने इन दोनों के खिलाफ आरोपों को सही पाया और कार्रवाई की सिफारिश की, पर जांच कमेटी को रिपोर्ट सौंपे छह माह बीत चुके हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक कोई विभागीय कार्रवाई नहीं की है. बल्कि हमें खबर मिली है कि स्वास्थ्य विभाग अविक दे का निलंबन बहाल करने पर विचार कर रहा है. जिसकी हम कड़ी निंदा करते हैं.
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