पश्चिम मेदिनीपुर जिले के चंद्रकोना के सारगा की घटना, ग्रामीणों ने मुक-बधिर बच्चे को बचाया
प्रतिनिधि, खड़गपुर पश्चिम मेदिनीपुर जिले के चंद्रकोना के सारगा इलाके में एक अजीबोगरीब घटना सामने आयी है.पांच वर्षीय एक मूक-बधिर बालक को उसके पड़ोस में रहने वाले तांत्रिक के घर के एक कमरे से शरीर पर सिंदूर लगी अवस्था में ग्रामीणों ने बरामद किया.बालक के परिजनों सहित ग्रामीणों का आरोप है कि आरोपी व्यक्ति तंत्र साधना से जुड़ा हुआ है.तंत्र साधना में सिद्धी प्राप्त करने की कोशिश में वह नर बलि देने के फिराक में था.समय पर बच्चे को बचा लिया गया. वरना इलाके में जरूर एक अनहोनी घटना घट जाती. स्थानीय लोगों व पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी तांत्रिक का नाम रंजीत रुइदास है. मालूम हो कि तांत्रिक के पड़ोस में पांच वर्षीय मूकबधिर बालक का मकान है.आरोपी तांत्रिक मूकबधिर बालक का दूर का रिश्तेदार भी है.मूकबधिर बालक को उसकी मां ने खाना खिलाकर सुला दिया था. वह कुछ काम के लिए पड़ोस में गयी थी. वापस आने पर खाट से बालक गायब था. उसके गले में बंधा हुआ ताबीज कटी अवस्था में बिस्तर पर गिरा हुआ था. बच्चे की मां ने शोर मचाकर इलाकावासियों को इकट्ठा किया और बालक के लापता होने की जानकारी दी. इलाकावासियों और परिजनों ने बालक की तलाश शुरू की. इसी दौरान एक व्यक्ति ने देखा कि तांत्रिक के दो मंजिले मकान की खिड़की से बालक सिर निकालकर बाहर देखने की कोशिश कर रहा है.उसके शरीर पर सिंदूर लगा हुआ है.इलाके के लोग तांत्रिक के मकान में प्रवेश कर गये. कमरा बंद था. कमरे का दरवाजा तोड़कर बालक को सुरक्षित बाहर निकाला गया. जिसके बाद इलाके में तनाव की स्थिति पैदा हो गयी. घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आरोपी तांत्रिक को गिरफ्तार किया और परिवार के चार सदस्यों को हिरासत में लिया. ग्रामीणों का कहना है कि रंजीत तकरीबन एक वर्ष से तंत्र साधना सीख रहा है,उसके घर में कई तांत्रिकों का आना जाना था. मेदिनीपुर सदर की महकमा शासक मधुमिता मुखोपाध्याय का कहना है कि शरीर पर सिंदूर लगी अवस्था में एक बालक को बरामद किया गया. पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

