प्रार्थना गृह के उद्धार के लिए प्रशासन तैयार

कोलकाता. आदि ब्रह्म समाज के खस्ताहाल प्रार्थना गृह के उद्धार के लिए प्रशासन तैयार है, परंतु इसके लिए ब्रह्म समाज को आवेदन करना होगा. ब्रह्म समाज ही भवन की देख-रेख करता है. 23 जनवरी 1830 को राजा राम मोहन राय ने आदि ब्रह्म समाज के पहले प्रार्थना गृह का उदघाटन किया था. इसे आदि ब्रह्म […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | June 13, 2017 9:14 AM
कोलकाता. आदि ब्रह्म समाज के खस्ताहाल प्रार्थना गृह के उद्धार के लिए प्रशासन तैयार है, परंतु इसके लिए ब्रह्म समाज को आवेदन करना होगा. ब्रह्म समाज ही भवन की देख-रेख करता है. 23 जनवरी 1830 को राजा राम मोहन राय ने आदि ब्रह्म समाज के पहले प्रार्थना गृह का उदघाटन किया था. इसे आदि ब्रह्म के नाम से जाना जाता है. देख-रेख का जिम्मा ब्रह्म समाज के ट्रस्ट्री पर है.

लगभग 200 साल पुराना यह भवन जर्जर हो गया है. ऊपर से भवन का व्यावसायिक इस्तेमाल हो रहा है. इस हेरिटेज भवन को किराये दे दिया गया है, लेकिन किराये से मिलनेवाली राशि का शायद ही भवन के रख-रखाव पर खर्च किया जाता है. हालांकि कोलकाता नगर निगम व राज्य सरकार इसके लिए मदद को तैयार है, लेकिन इसके लिए पहले ब्रह्म सामाज ट्रस्ट्री को आवेदन करना होगा.

क्या है मामला : प्रभात खबर के 12 जून के अंक में ब्रह्म समाज के पहले प्रार्थना गृह से संबंधित खबर प्रकाशित की गयी थी. इसमें भवन की बदहाली को उजागर किया गया था. उत्तर कोलकाता के रवींद्र सरणी इलाके में यह दो मंजिला भवन स्थित है. 23 जनवरी 1830 को उदघाटन के दिन यहां ब्रह्म समाज ने पहली बार प्रार्थना की थी. आज भी समाज की ओर से 23 जनवरी के माघ उत्सव के रूप में मानया जाता है. भवन के उदघाटन के बाद राजा राम मोहन राय इंग्लैंड चले गये थे, जहां उनकी मृत्यु हो गयी. इस हेरिटेज भवन को किराये पर एक संगमरमर व्यवसायी को दे दिया गया है. वह यहां संगमरमर को काटने के बाद भवन की पहली मंजिल पर स्टोर करता है. विशेषज्ञों के अनुसार हेरिटेज भवन में संगमरमर काटने से कंपन पैदा होता है, जिसके कारण भवन को क्षति पहुंच सकती है.
सामाज के ट्रस्ट्री पर इसकी देखरेख का जिम्मा है, लेकिन यहां संगमरमर काटने की अनुमति नहीं है. भवन की वर्तमान स्थिति में सुधार के लिए ट्रस्ट्री के अधिकारियों की ओर से कभी भी निगम से न तो शिकायत की गयी और न ही सुझाव दिया गया. अगर समाज की ओर से सुझाव आता है तो, जो जरूर इस पर विचार किया जायेगा.
सुब्रत शील, कोलकाता नगर निगम के हेरिटेज सेल के डीजी
हेरिटेज भवन को किराये पर दिया जा सकता है. इस भवन को कोलकाता नगर निगम ने हेरिटेज घोषित किया है. इसके सुधार के लिए अगर निगम की ओर से प्रस्ताव आता है, तो जरूर इस पर अमल किया जायेगा तथा फंड के लिए राज्य सरकार को भी प्रस्ताव दिया जायेगा.
श्यामापद चटर्जी, सचिव, पश्चिम बंगाल हेरिटेज कमीशन