नियुिक्त के मुद्दे पर तृणमूल कार्यकर्ताओं ने ठेकेदार को पीटा
दुर्गापुर. गोपालमठ इलाके में तृणमूल कार्यालय के बाहर तृणमूल समर्थकों ने ठेकदार रामबाबू दास और उनके सहयोगी पर हमला कर उनकी िपटाई कर दी. पीिड़त ठेकेदार श्री दास ने घटना की प्राथमिकी दुर्गापुर थाने दर्ज करायी है. उनका कहना है िक तृणमूल नेता प्रभात चटर्जी के इशारे पर उनके समर्थकों ने मारपीट की है. उन […]
दुर्गापुर. गोपालमठ इलाके में तृणमूल कार्यालय के बाहर तृणमूल समर्थकों ने ठेकदार रामबाबू दास और उनके सहयोगी पर हमला कर उनकी िपटाई कर दी. पीिड़त ठेकेदार श्री दास ने घटना की प्राथमिकी दुर्गापुर थाने दर्ज करायी है. उनका कहना है िक तृणमूल नेता प्रभात चटर्जी के इशारे पर उनके समर्थकों ने मारपीट की है. उन पर यूनियन के श्रमिकों को नियुक्त करने का दबाव बनाया जा रहा है.
उल्लेखनीय है िक रामबाबू दास को कुछ दिन पहले डीएसपी के व्हील सेक्शन में काम करने का टेंडर प्राप्त हुआ है. काम को लेकर कुल नौ श्रमिकों की िनयुक्ति प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है. कुछ दिन पहले ठेकेदार रामबाबू दास को तृणमूल के नेताओं ने यूनियन से श्रमिकों को नियुक्त करने का प्रस्ताव दिया था. रामबाबू दास ने प्रस्ताव को ठुकराते हुए कंपनी के नौ दक्ष श्रमिकों को नियुक्त किया था.
इस बात को लेकर तृणमूल नेताओं एवं ठेकेदार रामबाबू के बीच विवाद चल रहा था. 16 जून को रामबाबू ने तृणमूल के दो नेताओं के खिलाफ दुर्गापुर थाने में धमकी दिये जाने का मामला दर्ज कराया था. मंगलवार शाम को तृणमूल नेता प्रभात चटर्जी ने मामले को सुलझाने के लिए रामबाबू को गोपालमठ स्थित पार्टी कार्यालय में बुलाया. रामबाबू अपने सहयोगी सुब्रत देवनाथ के साथ कार्यालय पहुंचे कुछ देर की बैठक के बाद रामबाबू तृणमूल नेताओं के प्रस्ताव को ठुकरा कर कार्यालय से बाहर निकलने लगे. उसी दौरान पीछे से दर्जनों की संख्या में समर्थकों ने उन पर हमला कर दिया. इससे इलाके में तनाव व्याप्त हो गया. सूचना पाकर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची एवं मामले को शांत कराया.
ठेकेदार रामबाबू दास ने कहा कि पहले भी चार वर्षों से तृणमूल के नेता दबाव दे रहे हैं. समय-समय पर चंदा के नाम पर मोटी रकम की वसूली जा रही है. मामले की शिकायत पहले भी मुख्यमंत्री को पत्र देकर की गई थी. लेिकन कोई जवाब अब तक नहीं मिल पाया है. तृणमूल नेताओं के अत्याचार से व्यवसाय करना मुश्किल हो गया है. प्रशासन को इस मामले में सख्त कदम उठाना चाहिये. यदि प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की तो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से भेंट कर मामले के अवगत कराया जायेगा. तृणमूल नेता प्रभात चटर्जी ने ठेकेदार के सभी आरोपों को आधारहीन बताया है.
