पूजा बजट में कटौती कर बाढ़ पीड़ितों की मदद

मालदा : शहर के शरतपल्ली इलाके की महिलाएं पूजा का बजट घटाकर बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आगे आयी हैं. इंगलिशबाजार नगरपालिका के 18 नंबर वार्ड के शरतपल्ली इलाके की दुर्गा पूजा पिछले 20 वर्षों से महिलाओं द्वारा संचालित हो रही है. हालांकि इस पूजा का यह 47वां वर्ष है. पहले इस पूजा का […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | September 7, 2017 10:24 AM
मालदा : शहर के शरतपल्ली इलाके की महिलाएं पूजा का बजट घटाकर बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आगे आयी हैं. इंगलिशबाजार नगरपालिका के 18 नंबर वार्ड के शरतपल्ली इलाके की दुर्गा पूजा पिछले 20 वर्षों से महिलाओं द्वारा संचालित हो रही है. हालांकि इस पूजा का यह 47वां वर्ष है. पहले इस पूजा का आयोजन पुरुष करते थे. लेकिन समय की कमी के कारण पुरुष सदस्य धीरे-धीरे इससे दूर रहने लगे. इसके बाद ही इलाके की महिलाओं ने इस पूजा की जिम्मेदारी संभाली.
वर्तमान में इस इलाके की करीब 300 महिलाएं पूजा आयोजन में जुटी हैं. मंडप की सजावट, घर-घर में चंदा संग्रह करने व पूजा के चार दिनों में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों को लेकर इन महिला सदस्यों ने प्लानिंग शुरू कर दी है. पूजा कमेटी में गृहिणियों से लेकर शिक्षिकाएं व समाज सेविकाएं शामिल हैं. पिछले वर्ष जिले की दस अव्वल पूजाओं में शरतपल्ली दुर्गोत्सव कमेटी को राज्य की मुख्यमंत्री की ओर से पुरस्कृत किया गया था.
शरतपल्ली दुर्गापूजा कमेटी की चेयरपर्सन पार्वती जायसवाल ने बताया कि इसबार पूजा के खर्च में कटौती कर बाढ़ पीड़ितों को मदद दिया जाएगा. मूर्तिकार अष्टम चौधरी प्रतिमा बना रहे हैं.

पंडाल की सजावट महिला सदस्याएं ही कर रहीं हैं. पूजा कमेटी के संयुक्त सचिव निवेदिता साहा व जया सिंह ने बताया कि सालों भर हम परिवार व रसोई को लेकर व्यस्त रहते हैं, लेकिन पूजा के ये चार दिन मिलजुलकर खुशियां मनाते हैं. चार दिनों में कई प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं भोज का आयोजन किया जाता है. इसबार भी उत्सव का माहौल रहेगा.

इस बीच बाढ़ पीड़ितों के लिए मदद का प्रयास किया जाएगा. स्थानीय तृणमूल पार्षद आशीष कुंडू ने बताया कि इस पूजा कमेटी की महिलाएं यह साबित कर चुकी हैं कि घर-परिवार के साथ-साथ शांतिपूर्ण रूप से पूजा आयोजन करना संभव है.