दिनहाटा. भाजपा के कूचबिहार जिला अध्यक्ष निखिल रंजन दे पर हुए हमले से जिले का राजनीतिक माहौल गरम हो गया है. शनिवार को यह घटना दिनहाटा के ओकड़ाबाड़ी में घटी. आरोप है कि भाजपा के अल्पसंख्यक मोर्चा की बैठक शुरू होने से पहले ही जिला अध्यक्ष समेत पार्टी कार्यकर्ताओं व समर्थकों पर हमला करने का आरोप सत्तारूढ़ दल पर लगा है. जिन भाजपा नेताओं को निशाना बनाया गया उनमें निखिल रंजन दे के अलावा जिला उपाध्यक्ष ब्रजगोविंद बर्मन, अल्पसंख्यक मोर्चा के अनवर हुसैन, मंडल अध्यक्ष डालिम राय सिंह प्रमुख रूप से शामिल हैं.
आरोप है कि जिला अध्यक्ष व अन्य नेताओं की मार-पिटाई की गयी और उनकी चारपहिया व दोपहिया गाड़ियों में तोड़फोड़ की गयी. श्री दे ने बताया कि उक्त इलाके में एक कार्यकर्ता के घर में पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चा की खुली बैठक थी. बैठक शुरू होने से पहले ही तृणमूल के लोगों ने हमला कर दिया. तृणमूल समर्थक जुलूस की शक्ल में आये और बिना किसी कारण के हमला करने लगे. भाजपा नेताओं के साथ मारपीट करने के अलावा कुरसी, मेज, स्टैंड फैन आदि तोड़ दिये गये. इसके बाद जिला अध्यक्ष की चारपहिया गाड़ी और कई मोटरसाइकिलों में तोड़फोड़ की गयी. इस घटना में कोई गंभीर रूप से घायल तो नहीं हुआ, पर पार्टी का कार्यक्रम खराब हो गया. भाजपा जिला अध्यक्ष कूचबिहार लौट गये.
श्री दे ने बताया कि इस घटना को लेकर पुलिस में लिखित शिकायत की गयी है. पार्टी के राज्य और केंद्रीय नेतृत्व को भी खबर दी गयी है. उन्होंने इस हमले के लिए तृणमूल विधायक उदयन गुहा को जिम्मेदार ठहराया. वहीं श्री गुहा ने इसे ‘पागल का प्रलाप’ बताते हुए कहा कि उक्त घटना भाजपा की अंदरूनी गुटबाजी का नतीजा है. तृणमूल का इससे कोई लेना-देना नहीं है.