दक्षिणा काली मंदिर में चोरी

नितुरिया : बारु ईपाड़ा के दक्षिणा काली मंदिर का दरवाजा तोड़कर लाखों की चोरी की घटना प्रकाश में आई है. इसकी लिखित शिकायत नितुरिया थाना में करायी गयी है. पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है. लेकिन अब तक मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है. हालांकि पुलिस ने घटना का जल्द […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | April 17, 2014 4:43 AM

नितुरिया : बारु ईपाड़ा के दक्षिणा काली मंदिर का दरवाजा तोड़कर लाखों की चोरी की घटना प्रकाश में आई है. इसकी लिखित शिकायत नितुरिया थाना में करायी गयी है. पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है. लेकिन अब तक मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है. हालांकि पुलिस ने घटना का जल्द से जल्द उदभेदन दावा किया है.

मिली जानकारी के अनुसार बारु ईपाड़ा के दक्षिणा काली मंदिर की स्थापना कुछ ही वर्ष पहले हुई थी. बुधवार की सुबह ग्रामीण मंदिर का ताला टूटा देख हतप्रभ रह गये. फौरन पूरे गांव में चोरी की खबर फैल गई. पुलिस को सूचित किया गया. पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर मंदिर का जायजा लिया.

संजय सरकार ने बताया कि चोर देवी के सोने-चांदी के लगभग दो लाख के आभूषण लेकर चंपत हो गये हैं. इधर, इस घटना के बाद ग्रामीणों में पुलिस के प्रति आक्रोश है. उनका कहना है कि इलाके में दिन-प्रतिदिन आपराधिक घटनायें बढ़ती जा रही है. पुलिस कोई कारगर कदम नहीं उठा रही है.

प्रसाद ग्रहण करने उमड़े हनुमान भक्त

दुर्गापुर. दुर्गापुर के ऋषि अरविंद नगर स्थित हनुमान मंदिर कमेटी के तीन दिवसीय हनुमान जयंती समारोह बुधवार सुबह अष्टयाम के साथ संपन्न हो गया. इसके बाद आयोजित प्रसाद वितरण कार्यक्रम में प्रसाद ग्रहण करने के लिये भारी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी. राजद नेता नंद बिहारी यादव, जदयू नेता सुनील यादव, त्रिभुवन यादव सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे. हनुमान जयंती महोत्सव को सफल बनाने में गणोश यादव, जगन्नाथ पांडे, विपिन सिंह आदि उपस्थित थे.

दुर्गापुर के विधाननगर स्थित श्रीश्री हनुमान मंदिर में विधाननगर समाज कल्याण डाक बम सेवा समिति ने हनुमान जयंती के दूसरे दिन दुर्गापुर महकमा अस्पताल के मरीजों के बीच फल वितरण किया. श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण किया गया. डीवीसी मोड़ स्थित हनुमान मंदिर में भी पूजा संपन्न होने के बाद बुधवार को प्रसाद वितरण किया गया. ट्रंक रोड स्थित महावीर मंदिर में हनुमान जयंती महोत्सव के दूसरे दिन आठ प्रहर हरिनाम कीर्तन का आयोजन किया गया.