सिलीगुड़ी डीजल शेड में लगा सिमूलेटर

मालीगांव: सिलीगुड़ी में रेलवे डीजल शेड को अत्याधुनिक बनाया जा रहा है. खासकर लोको पायलटों के प्रशिक्षण की विशेष व्यवस्था की जा रही है. इसके साथ ही पूर्वोत्तर सीमा रेलवे क्षेत्र में सुरक्षा की भी विशेष तैयारी की गयी है. रेल मंत्री पीयूष गोयल के निर्देश पर पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के लिए रेल पटरियों समेत […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | December 20, 2017 12:36 PM
मालीगांव: सिलीगुड़ी में रेलवे डीजल शेड को अत्याधुनिक बनाया जा रहा है. खासकर लोको पायलटों के प्रशिक्षण की विशेष व्यवस्था की जा रही है. इसके साथ ही पूर्वोत्तर सीमा रेलवे क्षेत्र में सुरक्षा की भी विशेष तैयारी की गयी है. रेल मंत्री पीयूष गोयल के निर्देश पर पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के लिए रेल पटरियों समेत सुरक्षा के लिए 325 करोड़ रुपये आवंटित किये गये हैं. यह राशि 30 रेलवे स्टेशनों पर रनिंग रूमों के सुधार, 13 स्टेशनों पर प्रशिक्षण केंद्रों में सुधार, 18 स्टेशनों पर प्लेटफार्मों के विस्तारीकरण, 30 स्टेशनों पर ऊपरी पुलों के निर्माण के अलावा एलइडी सिगनलों, बैटरियों और ओएफसी उपकरणों पर खर्च की जायेगी.
एनएफ रेलवे द्वारा मिली जानकारी के अनुसार, सुरक्षा उपायों को लेकर सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं. पिछले साल चार की तुलना में इस साल केवल एक ट्रेन के बेपटरी होने का मामला सामने आया है.
मानवरहित लेबल क्रॉसिंग गेटों पर दुर्घटनाओं के मामले में पिछले साल एक की तुलना में इस साल एक भी दुर्घटना दर्ज नहीं की गयी है. लामडिंग-बदरपुर-हिल सेक्शन में भूस्खलन के कारण संवेदनशील स्थानों पर गुमटियों की व्यवस्था की गयी है. रेल की पटरियों पर 24 घंटे गश्त लगायी जाती है. स्टेशन मास्टर के साथ त्वरित संपर्क साधने के लिए ट्रैकमैनों और गैंगमैनों को वाकीटाकी तथा बीएचएफ सेट उपलब्ध कराये गये हैं. मिट्टी के व्यवहार का अध्ययन करने के लिए इनक्लाइनोमीटर और पेइयोमीटर यंत्र उपलब्ध कराये गये हैं. ग्राम पंचायतों के प्रधानों के साथ जोन मुख्यालय के साथ सुरक्षा पर साप्ताहिक वीडियो कांफ्रेंसिंग की जाती है. ट्रेनों के बेपटरी होने से रोकने के लिए लोको पायलटों को प्रशिक्षित किया गया है.

भारतीय रेलवे पहली बार सिलीगुड़ी के डीजल शेड में सिमूलेटरों पर आपातकालीन ब्रेकों के इस्तेमाल पर लोको पायलटों को प्रशिक्षित किया गया है. रेल की पटरी के आसपास अतिक्रमणों को हटाया जा रहा है. वर्तमान वित्त वर्ष के लिए निर्धारित 50 किलोमीटर के लक्ष्य में से अक्टूबर 2017 तक लगभग 40 किलोमीटर रेल का परिपूर्ण नवीकरण किया जा चुका है. शेष बचे हुए लगभग 225 किलोमीटर का नवीकरण सितंबर 2018 तक पूरा कर लिया जायेगा.