समय से पहले मानसून के आ जाने से सूरजमुखी को नुकसान, किसानों ने सरकार से की मुआवजे की मांग

बालुरघाट : कृषि विश्वविद्यालय की सलाह पर कुमारगंज के किसान ने इस बार सरसों की जगह सूरजमुखी की खेती की थी. लेकिन मानसून के समय से पहले आ जाने पर सूरजमुखी की फसल खराब होने लगी है. ऐसे में किसानों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है. वहीं शोध केंद्र के अधिकारियों का कहना […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | June 21, 2018 1:39 AM
बालुरघाट : कृषि विश्वविद्यालय की सलाह पर कुमारगंज के किसान ने इस बार सरसों की जगह सूरजमुखी की खेती की थी. लेकिन मानसून के समय से पहले आ जाने पर सूरजमुखी की फसल खराब होने लगी है. ऐसे में किसानों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है. वहीं शोध केंद्र के अधिकारियों का कहना है कि प्राकृतिक आपदा के कारण किसानों को नुकसान हुआ है. उन्हें मुआवजा नहीं मिला तो भूखों मरने की नौबत आ जायेगी.
इन दिनों बाजारों में सूरजमुखी के तेल की मांग काफी बढ़ गयी है. पतिराम इलाके के मझियान स्थित उत्तर बंगाल कृषि शोध केंद्र के पहल पर कुमारगंज थाना इलाके के कुछ किसानों ने सूरजमुखी की खेती की थी. लेकिन मौसम के शुरूआत में ज्यादा बारिश से फसल नष्ट हो गया. जिससे किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है.
किसानों का आरोप है कि कृषि विश्वविद्यालय की सलाह पर खेती करके उन्हें नुकसान हुआ है. किसानों ने सरकारी मुआवजे की मांग की है. किसानों का कहना है कि एक बीघा जमीन पर सूरजमुखी की खेती करने के लिए 12000 रुपए तक खर्च आया है. कृषि शोध केंद्रों को अधिकारियों का कहना है कि सूरजमुखी के किसानों को नुकसान हुआ है. उन्हें प्रशासन की ओर से सहयोग नहीं मिला तो भूखे मरने की नौबत आ जायेगी.