छह की मीटिंग पर टिकी हैं निगाहें : ज्वाइंट फोरम
सिलीगुड़ी : राज्य सरकार द्वारा चाय श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी निर्धारित किये जाने को लेकर अब सभी की निगाहें छह अगस्त की मीटिंग पर टिकी हैं. इस दिन उत्तर बंगाल के मिनी सचिवालय उत्तरकन्या में त्रिपक्षीय वार्ता होने जा रही है. अगर इस बार न्यूनतम मजदूरी को लेकर सरकार किसी तरह का टाल-बहाना करती है […]
सिलीगुड़ी : राज्य सरकार द्वारा चाय श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी निर्धारित किये जाने को लेकर अब सभी की निगाहें छह अगस्त की मीटिंग पर टिकी हैं. इस दिन उत्तर बंगाल के मिनी सचिवालय उत्तरकन्या में त्रिपक्षीय वार्ता होने जा रही है. अगर इस बार न्यूनतम मजदूरी को लेकर सरकार किसी तरह का टाल-बहाना करती है और उचित निष्कर्ष नहीं निकलता है तो चाय श्रमिक अब और बर्दाश्त नहीं करेंगे. ज्वाइंट फोरम इसे लेकर जोरदार तरीके से आंदोलन में उतरेगा. इसकी तैयारी पूरी है. बस छह अगस्त का इंतजार है. ज्वाइंट फोरम के नेताओं की ओर से यह बात शुक्रवार को सिलीगुड़ी के मल्लागुड़ी स्थित इंटक के दार्जिलिंग जिला मुख्यालय इंदिरा भवन में आयोजित मीटिंग के दौरान कही गयी.
इस दौरान ज्वाइंट फोरम से जुड़े सभी चाय श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भावी आंदोलन की रूपरेखा भी तैयार की. मीटिंग के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए इंटक के दार्जिलिंग जिला के अध्यक्ष आलोक चक्रवर्ती ने तल्ख तेवर में कहा कि चाय श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी को लेकर राज्य सरकार का रवैया सही नहीं है. बार-बार त्रिपक्षीय मीटिंग की तारीख बदली जा रही है. कई मीटिंग रद्द किये जाने के बाद बीते महीने के 30 जुलाई को त्रिपक्षीय वार्ता होना तय था. लेकिन उसकी भी तारीख खिसका कर छह अगस्त कर दी गयी है. अगर किसी कारणवश उस दिन भी मीटिंग नहीं हुई या फिर मीटिंग होने के बावजूद चाय श्रमिकों के लिए उचित निष्कर्ष नहीं निकला, तो हम सरकार के विरुद्ध जोरदार आंदोलन के लिए पूरी तरह तैयार हैं. इस बार लड़ाई आर-पार की होगी और चाय श्रमिकों को उनका उचित अधिकार ज्वाइंट फोरम दिलाकर ही रहेगा.
