खतरनाक रूप से बढ़ रहे हैं कैंसर के मामले

दार्जिलिंग : कैंसर के मामले भारत में खतरनाक दर से बढ़ रहे हैं और यह आशंका जताई जा रही है कि 2020 तक 17 लाख कैंसर के नए मामले सामने आ जाएंगे. कैंसर के उपचार की पेशकश करने वाले सरकारी अस्पतालों के पास सीमित क्षमता है. निजी क्षेत्र के प्रीमियर अस्पतालों के पास गुणवत्तापूर्ण उपचार […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | August 21, 2018 5:29 AM
दार्जिलिंग : कैंसर के मामले भारत में खतरनाक दर से बढ़ रहे हैं और यह आशंका जताई जा रही है कि 2020 तक 17 लाख कैंसर के नए मामले सामने आ जाएंगे. कैंसर के उपचार की पेशकश करने वाले सरकारी अस्पतालों के पास सीमित क्षमता है. निजी क्षेत्र के प्रीमियर अस्पतालों के पास गुणवत्तापूर्ण उपचार मुहैया कराने की क्षमता है लेकिन वे महंगे हैं.
इससे समाज के पिछड़े तबके के हजारों मरीज अधर में रह जाते हैं जिन्हें सरकारी अस्पतालों में लंबी प्रतीक्षा सूची और महंगे उपचार का खर्च वहन करने की उनकी अक्षमता के कारण मौत का सामना करना पड़ता है. इसलिए कम खर्च में कैंसर की चिकित्सा के उपाय खोजे जाने चाहिए. यह बातें संदीप गडगुरू, फेसिलिटी निदेशक, फोर्टिस वसंत कुंज ने कही.
उन्होंने कहा कि दार्जिलिंग की रहने वाली महिला निरू सारकी के चेहरे की खून की नसों में ट्यूमर हो गया था. बाद में इस ट्यूमर ने कैंसर का रूप धारण कर लिया. यहां उसकी चिकित्सा कम खर्च में करने की कोशिश की गयी. इसी तरह से कम खर्च में कैंसर की चिकित्सा करने की जरूरत है.फोर्टिसे उम्मीद नाम से एक योजना की शुरूआत की है. इसी योजना से गरीब कैंसर मरीजों की चिकित्सा की जाती है. अन्य अस्पतालों को भी इस दिशा में पहल करने की जरूरत है.