कूचबिहार : नवजात की मौत को लेकर अस्पताल में किया हंगामा

कूचबिहार : इलाज में लापरवाही से एक नवजात की मौत को लेकर मंगलवार को कूचबिहार के एमजेएन अस्पताल में हंगामा खड़ा हो गया. मौत की खबर मिलते ही अस्पताल में मृत बच्चे के परिजन अस्पताल में जुटने लगे. अस्पताल प्रबंधन व चिकित्सक की लापरवाही का आरोप लगाते हुए कूचबिहार कोतवाली थाने में लिखित शिकायत दर्ज […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | September 5, 2018 5:52 AM
कूचबिहार : इलाज में लापरवाही से एक नवजात की मौत को लेकर मंगलवार को कूचबिहार के एमजेएन अस्पताल में हंगामा खड़ा हो गया. मौत की खबर मिलते ही अस्पताल में मृत बच्चे के परिजन अस्पताल में जुटने लगे. अस्पताल प्रबंधन व चिकित्सक की लापरवाही का आरोप लगाते हुए कूचबिहार कोतवाली थाने में लिखित शिकायत दर्ज करवायी गयी.
जानकारी मिली है कि रविवार सुबह शहर संलग्न टाकागाछ दर्जी पाड़ा इलाके के निवासी प्रसेनजीत राय की पत्नी ने एक में एक पुत्र को जन्म दिया.
मां व बच्चा दोनों स्वस्थ्य था. इसके बाद स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र के स्वास्थ्यकर्मी ने परिवारवालों को बताया कि मां व नवजात को तुरंत कूचबिहार एमजेएम अस्पताल में भर्ती करवाना होगा. वरना जन्म प्रमाणपत्र नहीं मिल पायेगा. इसपर परिवारवालों ने नवजात व मां कोकिला राय को कूचबिहार एमजेएम अस्पताल में भर्ती करवा दिया. लेकिन अस्पताल में भर्ती के बाद से ही बच्चे की हालत बिगड़ने लगी.
मृत बच्चे के पिता का आरोप है कि नर्स की लापरवाही से बच्चे की मौत हुई है. उसने बताया कि अस्पताल में भर्ती करने के कुछ ही देर बाद बच्चे को तेज बुखार आया. बार-बार नर्स को बताने के बावजूद उसने कोई कार्यवाही नहीं की. जब परिवार वाले बार बार नर्स से आवेदन करने लगे तो उसने बच्चे को अस्पताल के एसएनसीयू में स्थानांतरित कर दिया.
वहीं सोमवार देर रात बच्चे की मौत हो गयी. इधर पूरी रात तक परिवारवाले एसएनसीयू के बाहर इंतजार करते रहे लेकिन उन्हें बच्चे की मौत की खबर नहीं दी गयी. मंगलवार सुबह बच्चे को दूध पिलाने के लिए जब परिवार के सदस्य एसएनसीयू के भीतर गये तो पता चला की नवजात की मौत हो चुकी है. घटना को लेकर बच्चे के परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा. घटना की खबर कूचबिहार कोतवाली थाना पुलिस को दी गयी. पुलिस पहुंचकर परिस्थिति को संभाला.
कूचबिहार एमजेएन अस्पताल अधीक्षक जयदेव बर्मन ने बताया कि बच्चे का जन्म घर पर हुआ था. अस्पताल आने के क्रम में वह बीमार हो गया. उन्होंने बताया कि अगर बच्चे का जन्म अस्पताल में होता तो शायद उसे बचाया जा सकता था.

Next Article

Exit mobile version