15 अगस्त को नहीं, 31 जुलाई को मनेगा आजादी का जश्न

भारतीय छींटमहल इलाके में जश्न की तैयारी पूरी... इलाकावासियों की समस्यायों पर प्रदर्शित होगा वित्तचित्र कूचबिहार : जहां पूरा देश 15 अगस्त को अपनी आजादी का जश्न मनायेगा, वहीं कूचबिहार के छींटमहल वासी 31 जुलाई को आजादी मनायेंगे. ऐसा इसलिए क्योंकि 4 साल पहले आज ही के दिन उन्हें सही मायने में इस देश का […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 31, 2019 1:07 AM

भारतीय छींटमहल इलाके में जश्न की तैयारी पूरी

इलाकावासियों की समस्यायों पर प्रदर्शित होगा वित्तचित्र
कूचबिहार : जहां पूरा देश 15 अगस्त को अपनी आजादी का जश्न मनायेगा, वहीं कूचबिहार के छींटमहल वासी 31 जुलाई को आजादी मनायेंगे. ऐसा इसलिए क्योंकि 4 साल पहले आज ही के दिन उन्हें सही मायने में इस देश का नागरिक माना गया था. इससे पहले तक भौगोलिक कारणों से वे आजादी के बाद भी अपने देश में परदेशी थे.
इस अवसर पर सीमांत के पोवातुर कुठी, मशालडांगा, बात्रिगाछ, करला, नलग्राम, फलनापुर सहित कई छींटमहल इलाकों में भव्य जश्न की तैयारी की गयी है. काफी आन्दोलन के बाद 31 जुलाई 2015 को बांग्लादेश के साथ छींटमहल विनिमय समझौते के बाद इलाके के लगभग 55 हजार लोगों को भारतीय नागरिकता मिली.
इसके बाद चार साल बीत गया है लेकिन आज भी इन इलाकों के लोगों को ना तो उनकी जमीन का पट्टा मिला है, ना ही युवक युवतियों को रोजगार मिला. वहीं बांग्लादेश में नागरिकता मिले छींटमहल के लगभग 42 हजार लोगों में शिक्षित युवक युवतियों में से ज्यादतर को सरकारी नौकिरियां मिल चुकी है.
वहीं भारतीय छींटमहल निवासियों को राज्य की मुख्यमंत्री ने सिर्फ आश्वासन दिये है. वे आज भी दिनहाटा कृषि मेला मैदान के सेटेलमेंट कैंप, मेखलिगंज सेटेलमेंट कैंप एवं हल्दीबाड़ी सेटेलमेंट कैंपों में जीवन निर्वाह कर रहे है. उसपर इलाके में राजनैतिक अत्याचार भी चलते है. इन सब से छुटाकारा पाने व अपने अधिकार की मांग पर हर साल 31 जुलाई को आजादी का जश्न मनाया जाता है.
बुधवार रात 9 बजे से मशालडांगा के छींटमहल में शुरू होगा पांचवा स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम. कार्यक्रम में लगभग 70 सालों से अपने देश में परदेशी बने रहने का तकलीफ, आन्दोलन एवं आखिर में छीटमहल विनिमय. साथ ही छींटमहलवासियों की वर्तमान परिस्थिति को एक वित्तचित्र के माध्यम से दर्शाया जायेगा. कार्यक्रम में राष्ट्रीय नागरिक पंजिकरण पर भी चर्चा आयोजित की गयी है. इसमें अधिवक्ता, साहित्यिक सहित समाज के विभिन्न क्षेत्र के लोग हिस्सा लेंगे.