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नर्सिंग होम में महिला की मौत के बाद परिजनों ने किया हंगामा, दिया धरना

राजगंज के कामारभीटा निवासी महिला फूलबारी स्थित एक नर्सिंग होम में 26 अक्टूबर को हुई थी भर्ती परिजनों ने मौत के लिए नर्सिंग होम प्रबंधन को जिम्मेवार ठहराया सिलीगुड़ी : सोमवार को फूलबारी स्थित एक नर्सिंग होम में भर्ती महिला की मौत के बाद परिवार वालों ने जमकर हंगामा किया. मृतका राजगंज के कामारभीटा इलाके […]

राजगंज के कामारभीटा निवासी महिला फूलबारी स्थित एक नर्सिंग होम में 26 अक्टूबर को हुई थी भर्ती

परिजनों ने मौत के लिए नर्सिंग होम प्रबंधन को जिम्मेवार ठहराया
सिलीगुड़ी : सोमवार को फूलबारी स्थित एक नर्सिंग होम में भर्ती महिला की मौत के बाद परिवार वालों ने जमकर हंगामा किया. मृतका राजगंज के कामारभीटा इलाके की रहनेवाली थी. परिवारवालों का आरोप है कि नर्सिंग होम प्रबंधन की लापरवाही से रोगी की मौत हुई है. बाद में मृतका के परिजन धरने पर बैठ गये.
इस मामले को लेकर मृतका के बेटे शंकर राय ने बताया कि 26 अक्टूबर को उनकी मां दिनमुनी राय सड़क दुर्घटना का शिकार हो गई थी. आनन-फानन में उसे फूलबारी के एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था.
सिटी स्कैन के बाद डॉक्टरों ने बताया कि सिर में गहरी चोट आई है. ऑपरेशन करने में 60 हजार रुपये खर्च होंगे. शंकर के मुताबिक अस्पताल प्रबंधन ने एक घंटे के अंदर ऑपरेशन करने की बात कही. शंकर ने बताया कि ऑपरेशन के बाद अस्पताल प्रबंधन की ओर से कहा गया कि 28 अक्टूबर को दिनमुनी को होश आ जायेगा.
मां की बेहोशी को लेकर उन्होंने जब चिकित्सकों से बात की तो डॉक्टरों ने कहा कि दिनमुनी राय को थाइरो नामक एक दवा दी जा रही है. जिस वजह से वह बेहोश है. दवा का असर समाप्त होते ही उन्हे होश आ जायेगा. उन्होंने बताया कि गलत जानकारी देकर उनकी मां का ऑपरेशन किया गया था. लेकिन रविवार को अस्पताल प्रबंधन ने हाथ खड़ा कर दिया.
सोमवार सुबह उन्हें बताया गया कि उनकी मां की मौत हो चुकी है. शंकर ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन ने अपनी गलतियों को छिपाने के लिए पहले से वहां पुलिस को बुला रखा था. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि नर्सिंग होम प्रबंधन की लापरवाही के चलते ही उनकी मां की मौत हुई है. जब तक मौत के असली कारण का पता नहीं चल जाता उनका धरना जारी रहेगा.
वहीं दूसरी ओर अस्पताल प्रबंधन की ओर से केशव चटर्जी ने बताया कि दुर्घटना के बाद उस महिला को 26 अक्टूबर वहां इलाज के लिए लाया गया था. उसकी हालत को देखते हुए महिला का सिटी स्कैन किया गया. सिटी स्कैन से पता चला कि उसके दीमाग के एक हिस्से में खून जमा हुआ है.
जिसके बाद परिवार वालों को ऑपरेशन करने की सलाह दी गई. उन्होंने बताया कि अधिकतर मामलों में एक घंटे के अंदर ऑपरेशन करने से मरीज की जान बचने की संभावना रहती है. ऑपरेशन के बाद मरीज को वेंटिलेटर पर रखा गया. उन्होंने बताया कि अचानक से मरीज का ब्लड प्रेशर गिरने लगा.
बाद में पता चला कि मरीज को प्लाज्मा एक्सचेंज करने की आवश्यकता है. उन्होंने बताया कि ये सुविधा केवल माटीगाड़ा के एक नर्सिंग होम में उपलब्ध है. उन्होंने उस नर्सिंग होम से भी संपर्क साधा. लेकिन चिकित्सक के अभाव में उस नर्सिंग होम ने भी मरीज को भर्ती करने से मना कर दिया. उन्होंने कहा कि परिजनों द्वारा लगाया जा रहा आरोप बेबुनियाद है. नर्सिंग होम प्रबंधन ने उसे बचाने का हरसंभव प्रयास किया था.
Prabhat Khabar Digital Desk
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