सुब्रमण्यम स्वामी ने दिया बजट सत्र में गोरखालैंड मुद्दा उठाने का भरोसा

गोजमुमो (विमल गुट) के नेताओं ने दिल्ली में की स्वामी से मुलाकात... दार्जिलिंग : चल रहे बजट सत्र में गोरखालैंड का मुद्दा संसद में उठाने का भरोसा भाजपा के राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने गोजमुमो विमल गुट के नेताओं को दिया है. गोजमुमो विमल गुट की ओर से जारी किये गये प्रेस विज्ञप्ति में गोजमुमो […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | February 18, 2020 2:07 AM

गोजमुमो (विमल गुट) के नेताओं ने दिल्ली में की स्वामी से मुलाकात

दार्जिलिंग : चल रहे बजट सत्र में गोरखालैंड का मुद्दा संसद में उठाने का भरोसा भाजपा के राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने गोजमुमो विमल गुट के नेताओं को दिया है. गोजमुमो विमल गुट की ओर से जारी किये गये प्रेस विज्ञप्ति में गोजमुमो विमल गुट के केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष लोपसांग लामा और नारी मोर्चा की उर्मिला रूम्बा ने सोमवार को दिल्ली में भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी से मुलाकात की है. बातचीत के दौरान विगत कुछ दिनों पहले भाजपा नेता एवं राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्वीट के माध्यम से गोर्खालैंड के लिए केन्द्रीय शासित प्रदेश का वकालत करने पर आभार प्रकट करने की जानकारी दी.
उस दौरान भाजपा नेता एवं राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने चल रहे बजट सत्र के दौरान संसद में गोर्खालैंड के लिए आवाज उठाने का भरोसा भी दिया गया है. भाजपा नेता एवं राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्वीट करके गोर्खालैंड के लिए केन्द्र शासित प्रदेश का वकालत करने पर दार्जिलिंग पहाड़ में राजनैतिक महौल गरमा गया था.
सुब्रमण्य स्वामी के ट्वीट को लेकर आलोचना भी हुयी थी. आज फिर गोजमुमो विमल गुट के नेतृत्वगणों ने भाजपा नेता एवं राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी से भेटवार्ता करके आभार प्रकट किया है. इधर इसी संदर्भ में गोजमुमो विनय गुट के प्रवक्ता केश्वराज पोख्ररेल से संपर्क करने पर उन्होंने कहा कि भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने गोर्खालैंड के समर्थन में अपना पक्ष रख रहे हैं.
उसका मैं समर्थन करता हूं. लेकिन इससे पहले भी भाजपा नेता एवं सांसद राजीप प्रताप रूढी, सुषमा स्वराज, जसवंत सिंह आदि जैसे वरिष्ठ नेतृत्वगणों ने संसद में गोर्खालैंड की आवाज उठायी थी. लेकिन मेरा मानना है कि गत यूपीए सरकार ने तेलंगाना राज्य गठन को लेकर संसदीय बोर्ड में प्रस्ताव पारित किया था. इसी तरह से भाजपा भी अपने सांसदीय बोर्ड में गोर्खालैंड का प्रस्ताव पारित करे.