एसएसबी ने उपलब्ध करायी चिकित्सा सेवा

सिलीगुड़ी. सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी)के सिलीगुड़ी सीमान्त मुख्यालय ने नेपाल भूकम्प पीड़ितों के लिए विभिन्न प्रकार की राहत सामग्री, खाद्य पदार्थ, कम्बल, पीने का पानी, सूखा राशन, मच्छरदानी, मोमबत्ती, प्लास्टिक बाल्टी, नॉडल ओ.आर.एस, मग और चादर इत्यादि सामान ट्रक में लादकर नेपाल भेजा है. इस राहत सामग्री को एसएसबी ने आर्म पुलिस फोर्स के ब्रिगेड […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | May 3, 2015 8:04 AM
सिलीगुड़ी. सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी)के सिलीगुड़ी सीमान्त मुख्यालय ने नेपाल भूकम्प पीड़ितों के लिए विभिन्न प्रकार की राहत सामग्री, खाद्य पदार्थ, कम्बल, पीने का पानी, सूखा राशन, मच्छरदानी, मोमबत्ती, प्लास्टिक बाल्टी, नॉडल ओ.आर.एस, मग और चादर इत्यादि सामान ट्रक में लादकर नेपाल भेजा है. इस राहत सामग्री को एसएसबी ने आर्म पुलिस फोर्स के ब्रिगेड मुख्यालय इताहारी जिला-सुनसरी, नेपाल को पिछली रात सौंप दिया है.

इसके अतिरिक्त, सशस्त्र सीमा बल के सिलीगुड़ी सीमान्त मुख्यालय ने भारत-नेपाल सीमाओं पर नेपाल से भारत आने वाले 210 भूकम्प पीड़ितों को चिकित्सा सेवा उपलब्ध करायी है.इसके अलावा एसएसबी ने इनलोगों के लिए भाजन पानी आदि की भी ब्यवस्था करायी.एसएसबी के अधिकारियों ने बताया है कि सिलीगुड़ी सीमान्त के चिकित्सक दल और अन्य पारा मेडिकल स्टाफ दाजिर्लिंग,पानीटंकी, पशुपतिफाटक, किशनगंज,दीगालबैंक आदि सीमा पर भी भूकम्प पीड़ितों की सहायता कर रहे हैं. इन स्थानों पर अबतक काफी भूकम्प पीड़ितों को चिकित्सा मुहैया करायी गइ है.

इस बीच सिलीगुड़ी के अन्य संगठनों द्वारा भी नेपाल के भूकंप पीड़ितों की मदद की जा रही है.विभिन्न संगठनों द्वारा राहत जुटाए जा रहे हैं.पिछले कुछ दिनों में कइ संगठनों ने राहत सामग्रियां नेपाल भेजी है.सिलीगुड़ी के कॉसमॉस मॉल द्वारा भी ढेरों कपड़े नेपाल भेजे गए.मॉल के असिस्टेंट मैनेजर प्रतीक चक्रवर्ती ने बताया है कि अबतक पुरूष,महिलाओं तथा बच्चों के लिए 1000 से ज्यादा कपड़े नेपाल भेजे गए हैं.इसके अलवा 2500 कपड़े सोमवार को नेपाल भेजे जायेंगे.नेपाल भूकंप में मृत लोगों को यहां मोमबत्ती जलाकर श्रद्धांजलि भी दी गयी.इसके साथ ही माकपा,फादर लेबलांड स्कूल आदि द्वारा भी राहत संग्रह का काम जारी है.आज सुबह माकपा नेता अशोक भट्टाचार्य,जीवेश सरकार आदि हिलकार्ट रोड स्थित पार्टी कार्यालय से राहत सामग्री संग्रह करने के लिए निकले.