छात्र हड़ताल के दौरान फिर बवाल, मारपीट

डीएसओ की दो समर्थक गिरफ्तार कार्यकर्ताओं ने सिलीगुड़ी थाने का किया घेराव बिना शर्त रिहाई की मांग सिलीगुड़ी. सिलीगुड़ी महिला कॉलेज में मंगलवार को टीएमसीपी समर्थकों द्वारा डीएसओ समर्थकों पर हमला किये जाने की घटना के विरोध में डीएसओ द्वारा आहूत छात्र हड़ताल के दौरान एक बार फिर जमकर बवाल हुआ. आज डीएसओ की ओर […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | August 13, 2015 2:35 AM
डीएसओ की दो समर्थक गिरफ्तार
कार्यकर्ताओं ने सिलीगुड़ी थाने का किया घेराव
बिना शर्त रिहाई की मांग
सिलीगुड़ी. सिलीगुड़ी महिला कॉलेज में मंगलवार को टीएमसीपी समर्थकों द्वारा डीएसओ समर्थकों पर हमला किये जाने की घटना के विरोध में डीएसओ द्वारा आहूत छात्र हड़ताल के दौरान एक बार फिर जमकर बवाल हुआ. आज डीएसओ की ओर से छात्र हड़ताल का आह्वान किया गया था. हालांकि इस हड़ताल को कोई खास सफलता नहीं मिली. विभिन्न स्कूल-कॉलेज खुले हुए थे. इक्का-दुक्का शिक्षण संस्थानों को ही बंद देखा गया. इस बीच छात्र हड़ताल को सफल बनाने के लिए डीएसओ की कई छात्राएं आज सिलीगुड़ी महिला कॉलेज के सामने पिकेटिंग कर रही थी.
ये लोग छात्राओं को कॉलेज में प्रवेश करने से रोक रहे थे. उसी दौरान टीएमसीपी समर्थक कई छात्राओं ने जबरदस्ती कॉलेज के अंदर प्रवेश करने की कोशिश की. उसके बाद ही दोनों गुटों के बीच कहासुनी शुरू हो गयी. धीरे धीरे इस कहासुनी ने संघर्ष का रूप धारण कर लिया. स्थिति बिगड़ती, इससे पहले ही वहां सुरक्षा में तैनात पुलिस के जवानों ने स्थिति पर काबू कर लिया और डीएसओ की दो समर्थक छात्राओं को गिरफ्तार कर लिया. इनके नाम सुपर्णा राय तथा रीता मंडल बताये गये हैं. सुपर्णा राय द्वितीय वर्ष की तथा रीता मंडल तृतीय वर्ष की छात्रा है. पुलिस दोनों को गिरफ्तार कर सिलीगुड़ी थाने ले आयी. अपनी दो सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद डीएसओ समर्थकों का गुस्सा और भड़क गया. डीएसओ की छात्राएं जुलूस लेकर सिलीगुड़ी थाना पहुंची और थाने का घेराव किया. ये लोग टीएमसीपी तथा पुलिस के विरोध में नारेबाजी कर रही थी.
इनलोगों ने दोनों छात्राओं की बिना शर्त रिहाई की मांग की. दार्जिलिंग जिला डीएसओ की सचिव नमिता चक्रवर्ती ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस टीएमसीपी समर्थकों को कुछ नहीं कह कर उलटे डीएसओ समर्थकों को परेशान कर रही है और गिरफ्तार कर रही है. उन्होंने कहा कि जब तक इन छात्राओं की रिहाई नहीं हो जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.