सूचना मिलते ही बिन्नागुड़ी वाइल्ड लाइफ स्कवॉड के वनकर्मी भी मौके पर पहुंचे़ लोगों की भीड़ को काबू में करने के लिए वन कर्मियों का पसीना छूट गया. भीड़ को नियंत्रित करने के लिए एसएसबी की मदद लेनी पड़ी. वन कर्मियों से मिली जानकारी के अनुसार, लोगों की अधिक भीड़ होने की वजह से चीते के भड़कने की संभावना बनी हुई थी. चीता किसी पर हमला भी कर सकता था.
वैसे वन कर्मियों ने काफी अच्छा काम किया है लेकिन थोड़ी और सतर्कता बरती जाती तो चीता जमीन पर नहीं गिरता. चीते को बचा पाना शायद संभव नहीं होगा. पेड़ से गिरते ही वनकर्मी उसे लेकर पशु चिकित्सक के पास गये. प्राथमिक चिकित्सा के बाद उसे खयेरबाड़ी व्याघ्र केंद्र लाया गया. चिकित्सकों ने चीते की जांच की है. डीएफओ उषा रानी ने बताया कि चीता अभी ठीक है़ पशु चिकित्सक चीते की जांच में जुटे हुए हैं. जल्द ही चीते को स्वस्थ्य कर दिया जायेगा.

