बाल गृह भेजे गये बचाये गये बच्चे

सिलीगुड़ी: न्यू जलपाईगुड़ी रेलवे स्टेशन से तस्करों की चंगुल से बचाये गये छह नाबालिकों को सिलीगुड़ी में बाल गृह भेज दिया गया है. इन लोगों को न्यू जलपाईगुड़ी रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर तीन से बरामद किया गया था. इन लोगों को तस्करी के जरिये वाराणसी ले जाये जाने की तैयारी थी. एसएसबी रानीडांगा के […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | April 13, 2016 1:06 AM
सिलीगुड़ी: न्यू जलपाईगुड़ी रेलवे स्टेशन से तस्करों की चंगुल से बचाये गये छह नाबालिकों को सिलीगुड़ी में बाल गृह भेज दिया गया है. इन लोगों को न्यू जलपाईगुड़ी रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर तीन से बरामद किया गया था. इन लोगों को तस्करी के जरिये वाराणसी ले जाये जाने की तैयारी थी. एसएसबी रानीडांगा के जवान जो कहीं जा रहे थे, उनकी नजर इन बच्चियों पर पड़ गई.

उन्होंने इसकी सूचना महिला तस्करी रोकने के लिए काम कर रहे स्वयंसेवी संगठन शक्तिवाहिनी को इसकी जानकारी दी. शक्तिवाहिनी की मदद से सभी बच्चियों को बचा लिया गया. एसएसबी ने रेणुका लिम्बू तथा आबिर अहमद सिद्दिकी नामक दो तस्करों को भी दबोच लिया. शक्तिवाहिनी के रिजनल हेड दीप बनर्जी ने बताया है कि रेणुका लिम्बू बागडोगरा के केस्टूपुर की रहने वाली है, जबकि आबिर अहमद सिद्दिकी वाराणसी में रहता है.

दोनों पति-पत्नी हैं. रेणुका भी इन दिनों वाराणसी में ही रहती है. दोनों यहां से नाबालिग बच्चियों को नौकरी दिलाने के नाम पर वहां ले जा रहे थे. श्री बनर्जी ने बताया है कि दोनों के खिलाफ धारा 370/5 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. दोनों की ही जलपाईगुड़ी कोर्ट में पेशी हुई है. श्री बनर्जी ने इसके साथ ही कार्रवाई के दौरान रेलवे द्वारा सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया.

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार रेलवे प्लेटफार्म पर यदि कोई नाबालिग बरामद होता है, तो इसकी जानकारी स्टेशन मैनेजर को देना अनिवार्य है. स्टेशन मैनेजर के कहने पर जीआरपी आगे की कार्रवाई करेगी. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि बच्चियों को बरामद करने के बाद स्टेशन मैनेजर को इसकी जानकारी दी गई. फिर भी उन्होंने जीआरपी को कार्रवाई का निर्देश नहीं दिया. दूसरी ओर जीआरपी के अधिकारी स्टेशन मैनेजर से निर्देश मिलने की बात कर रहे थे. बाद में इस मामले की जानकारी डीआरएम कटिहार को दी गई. डीआरएम के हस्तक्षेप से जीआरपी ने आगे की कार्रवाई की.