मतदान खत्म होते ही टूर ऑपरेटरों के बल्ले-बल्ले
सिलीगुड़ी. राज्य विधानसभा चुनाव के लिए इस महीने की 17 तारीख को सिलीगुड़ी में मतदान खत्म होते ही पर्यटन कारोबार ने अचानक एक बड़ी छलांग लगा ली है. दार्जिलिंग पर्वतीय क्षेत्र के साथ ही डुवार्स के भी पर्यटन स्थल इन दिनों पर्यटकों से गुलजार हैं. मतदान से पहले यहां पर्यटकों का टोटा लगा हुआ था. […]
टूर ऑपरेटरों का मानना है कि कोलकाता में सोमवार को मतदान खत्म होने के बाद पर्यटकों के आगमन में यहां और अधिक वृद्धि हो सकती है. इस संबंध में एसोसिएशन फॉर कंजरवेटिव टूरिस्ट के अध्यक्ष राज बसु का कहना है कि चुनाव के समय पर्यटन कारोबार को काफी नुकसान हुआ था. इस बार लगता है इस नुकसान की भरपायी हो जायेगी. उनके द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार 22 अप्रैल के बाद से पर्यटन कारोबार में पहाड़ तथा डुवार्स ने एक लंबी छलांग लगायी है. 28 जून तक सभी होटलों की बुकिंग फुल है. डुवार्स के जलदापाड़ा, बक्सा टाइगर तथा गोरूमारा नेशनल पार्क में पर्यटकों की भीड़ लगी हुई है. इस बार सबसे खास बात यह है कि देसी पर्यटकों के साथ-साथ विदेशी पर्यटक भी यहां भारी संख्या में आ रहे हैं.
एक प्रश्न के जवाब में श्री बसु ने आगे कहा कि मतदान खत्म होने की वजह से तो पर्यटक आ रहे हैं, लेकिन पर्यटकों के आगमन में इससे भी बड़ा योगदान शांति का रहा है. दार्जिलिंग पहाड़ पर पूरी तरह से शांति है और डुवार्स में भी कहीं भी किसी भी प्रकार की कोई गड़बड़ी नहीं हो रही है. इसके अतिरिक्त भूटान की वजह से भी डुवार्स में पर्यटकों के आगमन में बढ़ोत्तरी हुई है.
पहले पर्यटक सिलीगुड़ी आकर या तो दार्जिलिंग या फिर सिक्किम चले जाते थे. अब पर्यटक डुवार्स भी जाने लगे हैं. डुवार्स में इन दिनों कई आकर्षक पर्यटक स्थल भी बनाये गये हैं. इसके अलावा जो देसी-विदेशी पर्यटक सिर्फ भूटान जाते हैं, वह अब डुवार्स का उपयोग ट्रांजिट प्वाइंट के रूप में करने लगे हैं. पहले पर्यटक सिलीगुड़ी से सीधे जयगांव होते भूटान निकल जाते थे. अब यह पर्यटक एक-दो दिन डुवार्स के जंगलों में समय बीताने के बाद भूटान जाते हैं.
