डीपीआर के लिए इओआइ

सालानपुर में दो सड़कों का होगा डायवर्सन... आसनसोल : आसनसोल दुर्गापुर विकास प्राधिकार (अड्डा) ने सालानपुर प्रखंड में भू-धंसान व भूमिगत आग से प्रभावित ढ़ाई किलोमीटर सड़क को डायवर्ट करने के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने के लिए विभिन्न एजेंसियों के लिए इप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (इओआई) जारी किया है. इसके तहत वैकल्पिक सड़क, कल्वर्ट, […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | February 3, 2014 12:44 AM

सालानपुर में दो सड़कों का होगा डायवर्सन

आसनसोल : आसनसोल दुर्गापुर विकास प्राधिकार (अड्डा) ने सालानपुर प्रखंड में भू-धंसान व भूमिगत आग से प्रभावित ढ़ाई किलोमीटर सड़क को डायवर्ट करने के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने के लिए विभिन्न एजेंसियों के लिए इप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (इओआई) जारी किया है. इसके तहत वैकल्पिक सड़क, कल्वर्ट, ब्रीज व ड्रेन निर्माण के लिए सभी आवश्यक विवरण जरूरी है. इसे जमा करने की अंतिम तिथि पांच फरवरी है.

विभागीय सूत्रों ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने रानीगंज कोयलांचल में भूमिगत आग तथा भू-धंसान से प्रभावित 139 बस्तियों को पुनर्वासित करने का आदेश दिया है. इन बस्तियों के साथ-साथ कई प्रभावित सड़कों को भी हटाया जाना है. इस मद में केंद्र सरकार ने 26 सौ करोड़ रुपये की राशि का आवंटन किया है. विभिन्न चरणों में स्तियों की आबादी को पुनर्वासित किया जाना है. इसके समानान्तर ही प्रभावित सड़कों को भी डायवर्ट किया जाना है.

सालानपुर प्रखंड में फिलहाल दो सड़कों के डायवर्सन के लिए प्रक्रिया शुरू की जानी है. इसमें 1.8 किलोमीटर लंबी सड़क पहाड़गोरा-मोहनपुर, पर्वत्तपुर- बलियापुर मौजा से गुजरती है. जबकि दूसरी सड़क 0.72 किलोमीटर लंबी है. यह सड़क जामग्राम मौजा में हैं. दोनों भूमिगत आग से प्रभावित है. वैकल्पिक सड़क का निर्माण पश्चिम बंगाल के लोक निर्माण विभाग के नियमानुसार किया जाना है. सूत्रों ने बताया कि इन दो सड़कों के डायवर्सन के निर्माण का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जाना है.

इसके लिए व्यापक सव्रे किया जायेगा तथा इसमें आनेवाली लागत का आकलन किया जायेगा. प्रस्तावित सड़क न कोल बेयरिंग यानी कोयला रहित क्षेत्र होगा ताकि इन सड़कों को भविष्य में कोयला खनन से कोई परेशानी नहीं हो. उन्होंने कहा कि संबंधित एजेंसी को कार्यादेश मिलने के सात दिन के अंदर प्राथमिक रिपोर्ट, 35 दिनों के अंदर डीपीआर का ड्राफ्ट तथा 45 दिनों के अंदर फाइनल ड्राफ्ट डीपीआर जमा करना होगा. इसके 25 दिन के अंदर फाइनल रिपोर्ट जमा करनी होगी.