अंतरराष्ट्रीय मूक-बधिर दिवस पर जनजागरूकता रैली

उत्तर बंगाल के मूक-बधिरों ने बुलंद की अपनी आवाज दया नहीं, बल्कि मान-सम्मान और अधिकार की मांग सिलीगुड़ी. रविवार को देश-दुनिया के साथ ही सिलीगुड़ी में भी अंतरराष्ट्रीय मूक-बधिर दिवस मनाया गया. इस उपलक्ष्य पर नॉर्थ बंगाल डीफ एसोसिएशन के बैनर तले मूक-बधिरों ने शहर में जनजागरूकता रैली निकाली. यह रैली कंचनजंघा स्टेडियम के सामने […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | September 26, 2016 2:23 AM
उत्तर बंगाल के मूक-बधिरों ने बुलंद की अपनी आवाज
दया नहीं, बल्कि मान-सम्मान और अधिकार की मांग
सिलीगुड़ी. रविवार को देश-दुनिया के साथ ही सिलीगुड़ी में भी अंतरराष्ट्रीय मूक-बधिर दिवस मनाया गया. इस उपलक्ष्य पर नॉर्थ बंगाल डीफ एसोसिएशन के बैनर तले मूक-बधिरों ने शहर में जनजागरूकता रैली निकाली. यह रैली कंचनजंघा स्टेडियम के सामने से शुरू हुई, जिसने पूरे शहर की परक्रिमा की. रैली हाकिमपाड़ा स्थित जीटीएस क्लब के सभाकक्ष में पहुंचकर सांस्कतिक कार्यक्रम में तब्दील हो गयी.
रैली में शामिल मूक-बधिरों ने तख्ती-पोस्टरों के माध्यम से ‘दया नहीं, हक के लिए’ आवाज बुलंद की. साथ ही समाज को जागरूक करने के उद्देश्य से कई तरह के नारों के मारफत पैगाम भी दिया. जीटीएस क्लब के सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसोसिएशन के उपाध्यक्ष व समाज सेवी खोकन भट्टाचार्य ने कहा कि आज के इस दौर में भी समाज मूक-बधिरों को दया या फिर घृणा की दष्टि से देखता है, जो कतई उचित नहीं है. ये भी इनसान हैं, केवल फर्क यह है कि ये लोग आम इनसानों की तरह बोल और सुन नहीं सकते.
श्री भट्टाचार्य ने बताया कि इन मूक-बधिरों में भी आम इनसानों की तरह ही आत्मविश्वास की कोई कमी नहीं है. एसोसिएशन के महासचिव कंचन साहा जैसे कई ऐसे मूक-बधिर हैं, जो अपनी काबिलियत के बल पर रेलवे, बैंक और अन्य सरकारी व गैर-सरकारी प्रतिष्ठानों में अच्छे ओहदे पर नौकरी कर रहे हैं. इस मौके पर मूक-बधिरों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर सभी को दंग कर दिया. साथ ही देर शाम तक चली कार्यशाला में पूरी शिद्दत से सभी ने शिरकत की.