ePaper

सरकारी बैंकों में अभी भी ग्राहकों की मारा-मारी

17 Nov, 2016 12:33 am
विज्ञापन
सरकारी बैंकों में अभी भी ग्राहकों की मारा-मारी

सिलीगुड़ी: केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा 500 तथा 1000 के पुराने नोट बंद किये जाने के घोषणा के एक सप्ताह बाद भी सिलीगुड़ी में अब तक हालात सामान्य नहीं हुए हैं. उल्टे बैंकों के नये नियमों से आम लोगों को भारी परेशानी हो रही है. न केवल नोट बदलने वाले, बल्कि बैंक से पैसे […]

विज्ञापन
सिलीगुड़ी: केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा 500 तथा 1000 के पुराने नोट बंद किये जाने के घोषणा के एक सप्ताह बाद भी सिलीगुड़ी में अब तक हालात सामान्य नहीं हुए हैं. उल्टे बैंकों के नये नियमों से आम लोगों को भारी परेशानी हो रही है. न केवल नोट बदलने वाले, बल्कि बैंक से पैसे निकालने वाले भी भारी संख्या में लाइनों में लगे हुए हैं.

स्थिति यह है कि घर के पुरुषों के काम पर असर न पड़े, इसके लिए महिलाएं सुबह से ही कतार में लग जा रही हैं. बुधवार के दिन भी सिलीगुड़ी के विभिन्न बैंकों तथा एटीएम में लोगों की भारी भीड़ लगी रही. खासकर सरकारी बैंकों की स्थिति तो काफी खराब है. स्टेट बैंक, इलाहाबाद बैंक, यूनियन बैंक आदि जैसी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की शाखाओं में लोगों की भारी भीड़ लगी हुई है. आम लोगों में आक्रोश भी देखा जा रहा है. लाइन में लगे रहने के दौरान आपस में भिड़ने की भी कई घटनाएं हो चुकी हैं. हालांकि राहत की बात यह कि कोटक महिन्द्रा बैंक, फेडरल बैंक, एचडीएफसी बैंक तथा एक्सिस बैंक जैसे निजी बैंकों में धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हो रही है. इन बैंकों में ग्राहकों की संख्या कम होने से लोग अपने पुराने नोट आसानी से जमा कर पा रहे हैं. हालांकि पुराने नोटों को नये नोटों में बदलने की प्रक्रिया यहां भी काफी जटिल है.

कैश की कमी की वजह से इन बैंकों के ब्रांचों में भी एक-एक हजार रुपये से अधिक के नोट नहीं दिये जा रहे हैं. इस बीच, कई सरकारी बैंकों में टोकन सिस्टम की शुरूआत कर दी है. बैंक के कर्मचारी बैंक खुलते ही लाइन में लगने वाले पहले 150 से 200 लोगों को टोकन दे देते हैं. इसी तरह का मामला बर्द्धमान रोड स्थित इलाहाबाद शाखा में देखने को मिला. स्थानीय लोगों द्वारा मिली जानकारी के अनुसार, सुबह लोगों की भारी भीड़ थी. बैंक खुलने के बाद कर्मचारियों ने लाइन में लगे लोगों को टोकन प्रदान किया. करीब 150 लोगों को टोकन दिये गये हैं. अब यही लोग आज दिन भर नोट बदल या निकाल सकते हैं. बैंकों में तो भीड़ है ही, साथ ही एटीएम में भी काफी लोग लाइन में लगे हुए हैं. 50 प्रतिशत से अधिक एटीएम काम नहीं कर रहे हैं. हालांकि ऐसे एटीएम को बंद नहीं रखा गया है. लेकिन ग्राहक जब यहां पैसे निकालने जाते हैं, तो उन्हें निराशा हाथ लगती है. मशीन के पास जाने पर पता चलता है कि एटीएम आउट ऑफ ऑर्डर है. कई एटीएम काम तो कर रहे हैं, लेकिन उसमें कैश नहीं होने की वजह से लोगों को पैसे नहीं मिल रहे हैं. इस बीच, बैंकों के सामने लोगों की भारी भीड़ देखते हुए उस इलाके में कारोबार कर रहे व्यवसायी काफी चिंतित हैं.

व्यवसायियों को लगता है कि बैंकों की लाइनों में कुछ बदमाश भी हो सकते हैं, जो मोटी रकम जमा कराने आने वाले व्यवसायियों के पैसे छीकर फरार हो सकते हैं. इस मामले को लेकर सिलीगुड़ी मर्चेन्ट एसोसिएशन (एसएमए) ने सिलीगुड़ी की पुलिस कमिश्नर सीएस लेप्चा को एक ज्ञापन दिया है. संगठन के अध्यक्ष गोपाल खोरिया ने पुलिस कमिश्नर को सौंपे अपने ज्ञापन में कहा है कि सिलीगुड़ी के काफी कारोबारी अपने पुराने नोट जमा करने के लिए बैंकों की लाइनों में घंटों तक खड़े रह रहे हैं. भारी भीड़-भाड़ का फायदा चोर-उचक्के उठा सकते हैं.

उन्होंने विभिन्न बैंकों के ब्रांचों में व्यवसायियों के लिए टास्क फोर्स तैनात करने की मांग पुलिस कमिश्नर से की है. श्री खोरिया ने इसके साथ ही बैंकों में नोट बदलने वालों तथा बैंक के ग्राहकों के लिए अलग-अलग दो लाइन बनाने का सुझाव भी पुलिस कमिश्नर को दिया है. संवाददाताओं से बातचीत करते हुए श्री खोरिया ने बताया कि विभिन्न बैंकों की शाखाओं में ऐसे लोग भी भारी संख्या में लाइन में लग रहे हैं, जो उस बैंक के ग्राहक नहीं हैं. ऐसे लोग किसी भी कीमत पर अपने पुराने नोट बदलवाना चाहते हैं. बैंकों के ग्राहकों के लिए अलग से व्यवस्था होनी चाहिए.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन

अपने पसंदीदा शहर चुनें

ऐप पर पढ़ें
Page not found - Prabhat Khabar