नोटबंदी और कैशलेस इंडिया फ्लॉप शो: लक्ष्मी महतो

सिलीगुड़ी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अति महत्वाकांक्षी योजना नोटबंदी और कैशलेस इंडिया 50 दिन बाद पूरी तरह फ्लॉफ शो साबित हुआ है. मोदी के बड़े-बड़े बोल अब टांय-टांय फिस हो गये. इसका कोइ फायदा न तो सरकार को मिला और न ही देश की आम जनता को. नोटबंदी के नाम पर मोदी ने केवल आम […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | January 3, 2017 7:50 AM
सिलीगुड़ी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अति महत्वाकांक्षी योजना नोटबंदी और कैशलेस इंडिया 50 दिन बाद पूरी तरह फ्लॉफ शो साबित हुआ है. मोदी के बड़े-बड़े बोल अब टांय-टांय फिस हो गये. इसका कोइ फायदा न तो सरकार को मिला और न ही देश की आम जनता को. नोटबंदी के नाम पर मोदी ने केवल आम लोगों और बैंक कर्मचारियों को हैरान-परेशान किया.

यह कहना है बंगीय प्रादेशिक बैंक कर्मचारी यूनियन के दार्जिलिंग जिला इकाई के महासचिव लक्ष्मी महतो का. नोटबंदी को लेकर 50 दिन पूरे होने के बाद देश की वर्तमान स्थिति पर श्री महतो सोमवार को आयोजित प्रेस-वार्ता के दौरान मीडिया के सामने केंद्र सरकार की जमकर खिंचायी की. उन्होंने कहा कि नोटबंदी के नाम पर मोदी जी ने कालाधन बाहर निकालने और कैशलेस इंडिया गढ़ने का सपना देखा था, जो सपना ही रह गया. 30 दिसंबर तक पूरे देश में 14.25 लाख करोड़ रूपये जमा हुआ. 31 मार्च तक भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ) में और कुछ रूपये जमा हो जायेंगे.

मोदीजी ने कालाधन निकालने का जो लक्ष्य रखा था सरकार उसके आस-पास तक भी नहीं पहुंच सकी. नोटबंदी के 50 दिनों के अंदर केंद्र सरकार के निर्देश पर आरबीआइ ने कुल 64 नियमों में बदलाव किया. इसके बावजूद कालाधन बाहर नहीं हुआ. श्री महतो ने प्रधानमंत्री मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि उन्होंने 31 दिसंबर के शाम को देश के नाम अपने भाषण में एकबार भी कालाधन का उल्लेख नहीं किया. बल्कि वित्त मंत्री का भाषण प्रधानमंत्री ने दिया. आम बजट का लान प्रधानमंत्री ने दो महीने पहले ही संविधान को ताक में रखकर कर दिया. श्री महतो ने कहा कि मोदी के नोटबंदी का फायदा न तो सरकार मिला और न ही आम लोगों को. उल्टा नोटबंदी का खामियाजा आम लोगों और बैंक कर्मचारियों को अपनी जान देकर भुगतना पड़ा. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार को नोटबंदी की वजह से मारे गये लोगों और बैंक कर्मचारियों के पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देना होगा. साथ ही नौकरी गवानेवालों और कारोबार में नुकसान हुए कारोबारियों को भी मुआवाज देना होगा. उन्होंने मोदी सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार जल्द मुआवजा नहीं देती है तो बैंक कर्मचारी देशव्यापी आंदोलन करने को मजबूर होंगे. श्री महतो ने बताया कि मुआवजा समेत अन्य मांगों में सभी बैंकों और एटीएम में हमेशा पर्याप्त परिमाण में एक सौ और पांच सौ रूपये के नोट रखना है. प्रतिदिन बैंकों में नोट आपूर्ति व तथ्य प्रकाश करना होगा. बैंकों में नोट आपूर्ति करने को लेकर आरबीआइ को सौतेला व्यवहार बंद करना होगा.

आज देश भर में धरना-पदर्शन
उन्होंने कहा इन छह सूत्री मांगों को लेकर बैंक कर्मचारी द्वारा कल यानी मंगलवार को पूरे देश में धरना प्रदर्शन किया जायेगा. इससे पहले केंद्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली को भी नोटबंदी के विभिन्न नौ मुद्दों और देश की वर्तमान परिस्थिति को लेकर यूनियन की ओर से चिट्ठी भी दी गयी. श्री महतो ने बताया कि आठ और नौ जनवरी को चेन्नइ में बैंक कर्मचारियों का राष्ट्रीय स्तर का विराट सम्मेलन आयोजित होने जा रहा है. इसी सम्मेलन में ही सभी की सहमति से नोटबंदी को लेकर मोदी सरकार के विरूद्ध भावी आंदोलन का खाका तैयार किया जायेगा.