पहाड़ पर गोजमुमो का समर्थन नहीं : भाकपा-माले

जलपाईगुड़ी. वह लोग तृणमूल कांग्रेस का समर्थन नहीं करते और चाहते हैं कि दार्जिलिंग पर्वतीय क्षेत्र के नगरपालिका चुनाव में तृणमूल की करारी हार हो. इसका मतलब यह नहीं कि वह लोग बिमल गुरूंग के नेतृत्व वाली गोजमुमो का समर्थन करते हैं. नगरपालिका चुनाव को लेकर कुछ इसी प्रकार की बातें भाकपा-माले के पोलित ब्यूरो […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | May 14, 2017 8:07 AM
जलपाईगुड़ी. वह लोग तृणमूल कांग्रेस का समर्थन नहीं करते और चाहते हैं कि दार्जिलिंग पर्वतीय क्षेत्र के नगरपालिका चुनाव में तृणमूल की करारी हार हो. इसका मतलब यह नहीं कि वह लोग बिमल गुरूंग के नेतृत्व वाली गोजमुमो का समर्थन करते हैं. नगरपालिका चुनाव को लेकर कुछ इसी प्रकार की बातें भाकपा-माले के पोलित ब्यूरो के सदस्य कार्तिक पाल ने कही.

वह यहां अपने पार्टी कार्यालय में संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे. उन्होंने कहा कि दार्जिलिंग पर्वतीय क्षेत्र के चारों नगरपालिका चुनाव में उनकी पार्टी सीपीआरएम के निर्दलीय उम्मीदवारों का समर्थन कर रही है. उन्होंने संवाददाताओं के साथ बातचीत के दौरान राज्य की तृणमूल सरकार तथा खासतौर पर मंत्री एवं गायक इन्द्रनील सेन के बयान की कड़ी निंदा की. यहां उल्लेखनीय है पिछले दिनों चुनाव प्रचार के दौरान दार्जिलिंग में एक जनसभा को संबोधित करते हुए इन्द्रनील सेन ने गोजमुमो सुप्रीमो बिमल गुरूंग तथा उनके समर्थकों को बक्से में भरकर पहाड़ से खदेड़ने की बात कही थी. इस बयान की श्री पाल ने कड़ी निंदा की. इन्होंने कहा कि किसी को बक्सा में बंद कर पहाड़ से वापस भेजने की धमकी देना एक तरह से जान से मारने की धमकी देने के समान है. इससे जाहिर है कि ममता के मंत्री किस तरह की मानसिकता रखते हैं.

अपने बयान के लिए इन्द्रनील सेन को स्वयं ही अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए. ऐसा नहीं होने पर उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से इन्द्रनील सेन को मंत्री पद से बरखास्त करने की भी मांग की. श्री पाल ने कहा कि उनकी पार्टी चाहती है कि तृणमूल कांग्रेस की हार हो. लेकिन इसके लिए वह लोग गोजमुमो का समर्थन नहीं कर रहे हैं. सीपीआरएम के उम्मीदवार निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में हैं. वह लोग उन्हीं का समर्थन कर रहे हैं. श्री पाल ने आगे कहा कि नक्सलबाड़ी आंदोलन का 50 साल पूरा हो रहा है.

इस मौके पर कई कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे र्है. उनकी पार्टी भी कई कार्यक्रम कर रही है. 25 मई को सिलीगुड़ी के बाघाजतीन पार्क में एक जनसभा का आयोजन हो रहा है. उन्होंने भाजपा की भी आलोचना की. तृणमूल कांग्रेस के संबंध में श्री पाल ने आगे कहा कि ममता बनर्जी एक जमाने में सिंगूर, नंदी ग्राम आंदोलन कर सत्ता में आयी हैं. अब उनके शासनकाल में भांगड़ तथा शांतिपुर में जमीन को लेकर आंदोलन हो रहा है. वह भी अपनी नीतियों से हट गई हैं.