Gorakhpur News: गोरखपुर में नगर निगम के अतिक्रमण विरोधी दस्ता की एक अजीबोगरीब कार्यप्रणाली का वीडियो बहुत तेजी से वायरल हो रहा है, जहां सड़क के किनारे एक कार में बैठे एक प्रवक्ता को टीम ने क्रेन से कार समेत उठा लिया और उसे टोचन करके पुलिस लाइन यार्ड में ले गए. वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला गोरखपुर के जिलाधिकारी तक पहुंच गया है. वहीं, क्रेन सर्विस के संचालक का यह कहना है कि सड़क पर कार खड़ी थी. क्रेन से कार उठाने के बाद प्रवक्ता आए और जबरदस्ती कार में बैठ गए, जिसका फोटो और वीडियो भी बना है.
बता दें, गोलघर में सड़क के किनारे अपनी कार में बैठे प्रवक्ता को कार समेत क्रेन से नगर निगम के कर्मचारी उठा ले गए. मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से की गई, लेकिन इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद यह मुद्दा चर्चा में आ गया है. गोलघर से नगर निगम के कर्मचारियों ने क्रेन से कार को उठाकर पुलिस लाइन पहुंचाया. कार में प्रवक्ता बैठे हुए थे., ,यह वीडियो खूब वायरल हो रहा है.
Also Read: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों सम्मानित हुए गोरखपुर के जिलाधिकारी, यह है वजहप्रवक्ता के अनुसार, वह गोलघर में नाश्ता करने आए थे. प्रवक्ता ने डीएम से व्हाट्सएप और जनसुनवाई पोर्टल के जरिए शिकायत की है कि वह कार में बैठे हुए थे और क्रेन चालक जबरदस्ती उन्हें कार समेत उठा ले गया. वहीं, क्रेन सर्विस के संचालक का कहना है कि गोलघर की सड़क पर कार खड़ी थी और उन लोगों ने कार को क्रेन से जब उठाया तब प्रवक्ता आए और कार में जबरदस्ती बैठ गए.
Also Read: Gorakhpur News: गीता प्रेस में लगेंगी दो नई मशीनें, छपाई में होगा 20 प्रतिशत तक का इजाफाबता दें, सुधांशु शेखर राय जवाहरलाल नेहरू पीजी कॉलेज बांसगांव में B.Ed विभागाध्यक्ष हैं. वह बांसगांव के निवासी भी हैं. उनका कहना है कि वह दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में किसी कार्य से आए थे और वह गोलघर में नाश्ता करने गए थे. उनका यह आरोप है कि नगर निगम के क्रेन सर्विस के कर्मचारियों ने उनकी कार उठा ली. वह कार में बैठे हुए थे. वो लोग कार को पुलिस लाइन के यार्ड में ले गए.
वहीं, क्रेन सर्विस के संचालक प्रशांत सिंह का कहना है कि जिस समय कार को क्रेन से उठाया गया था, उस समय कार में कोई नहीं बैठा था. उस कार की पहले फोटो खींची गई थी. कार उठने के बाद प्रवक्ता वहां आए तो उनको पुलिस लाइन के यार्ड में आने को कहा गया. वो नहीं माने और जबरदस्ती कार में बैठ गए.
रिपोर्ट- कुमार प्रदीप