ऑनलाइन गेम में हुई हार तो मासूस ने लगा ली फांसी, अभिभावक ऐसे रखें बच्चों का ध्यान
ऑनलाइन गेम में एम शिवेन को हार का सामना करना पड़ा. इससे खफा होकर आत्महत्या करने का निर्णय ले लिया. उसके पिता एस श्रीधर चक्रधरपुर रेलवे में कार्यरत हैं. घटना के समय वह ड्यूटी में थे.
Jharkhand News: सूचना प्रौद्योगिकी के बढ़ते दायरे के साथ बच्चों में ऑनलाइन गेम की प्रवृत्ति बढ़ी है, जिसके चलते बच्चे डिप्रेशन में जाकर गलत कदम उठा रहे हैं. ऐसा ही एक मामला चक्रधरपुर के रेलवे कॉलोनी का है. यहहां ऑनलाइन गेम की लत में एक मासूम की जान चली गयी. डीपीएस के आठवीं कक्षा के छात्र एम शिवेन ने फांसी लगा ली. ऑनलाइन गेम में हार जाने पर छात्र ने ऐसा कदम उठाया. एस श्रीधर के पुत्र एम शिवेन शुक्रवार को ऑनलाइन गेम खेल रहा था.
तबीयत खराब थी, इसलिए वह स्कूल नहीं गया था. ऑनलाइन गेम में उसे हार का सामना करना पड़ा. इससे खफा होकर आत्महत्या करने का निर्णय ले लिया. उसके पिता एस श्रीधर चक्रधरपुर रेलवे में कार्यरत हैं. घटना के समय वह ड्यूटी में थे. मां डीपीएस स्कूल में शिक्षिका हैं. वह भी स्कूल गयी थीं. एम शिवेन दो भाइयों में छोटा था. परिवार वालों को कहना है कि वह हमेशा ऑनलाइन गेम खेलते रहता था. खेलते-खेलते कभी हंसता और कभी मायूस हो जाता था.
बच्चों के साथ समय बिताने की है जरूरत…
जिंदगी बेहद खूबसूरत है. कई मौकों पर हम खुद को बेबस पाते हैं. ऐसे ही एक कमजोर पल में कई दफा जिंदगी से मुंह मोड़ने जैसा फैसला कर बैठते हैं. इन्हीं मुश्किल पलों को जीतना ही जिंदगी है. इसके लिए सबसे जरूरी है उम्मीद. ऑनलाइन गेम से बच्चे मानसिक रूप से बीमार हो रहे हैं. इन बच्चों के साथ परिवार को समय बिताने की जरूरत है. उन्हें समझने की जरूरत है.