Jharkhand news, Koderma news : कोडरमा : कोडरमा जिले के ढाब एवं गिरिडीह जिला के गांवा थाना क्षेत्र के सीमावर्ती जंगली इलाके में अवैध माइका खदान में हुए हादसे में 4 लोगों की मौत की खबर के बाद शुक्रवार को पुलिस, प्रशासन एवं वन विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंची. घने जंगल के बीच स्थित घटनास्थल पर अधिकारी जब दुरुह रास्ते से होकर यहां पहुंचे, तो न यहां मृतकों के शव मिले और न ही अन्य कोई सबूत. सिर्फ देखने को मिला तो बड़े स्तर पर खनन कार्य का दृश्य और एक टोकरी एवं चप्पल. इससे पहले दोनों जिला की टीम सीमा विवाद में उलझी रही. गुरुवार देर शाम घटना की जानकारी सामने आने के बाद से सीमा विवाद को लेकर चल रहा गतिरोध शुक्रवार को घटनास्थल (चरका पहाड़ नगमा) में भी दिखा.
बताया जाता है कि घटनास्थल पर पहले गावां पुलिस इंस्पेक्टर प्रमेश्वर लियांगी, गावां थाना प्रभारी बिजय करकेट्टा के अलावा कोडरमा से डोमचांच रेंजर केके ओझा, इंस्पेक्टर आरएन ठाकुर पहुंचे. घटनास्थल किस थाना क्षेत्र में पड़ रहा है इसको लेकर दोनों जिलों की पुलिस ने माथापच्ची शुरू की और 5 घंटे तक उलझी रही. गावां एवं ढाब थाना की पुलिस ने घटनास्थल के लोकेशन को लेकर अपने जिले के टेक्निकल टीम को भेजकर घटनास्थल किस थाना क्षेत्र में है यह निर्धारण करने की कोशिश की, पर कोई हल नहीं निकला. बाद में दोपहर करीब 12 बजे गावां सीओ अरुण खलको मौक पर पहुंचे और सीआई एवं कर्मचारी से बात कर घटनास्थल को कोडरमा जिले की सीमा में बता दिया.
दूसरी ओर, दूरभाष पर डोमचांच के बीडीओ सह सीओ मनीष कुमार इस बात पर अड़े रहे कि घटनास्थल गावां अंचल में है. इसके बाद पुलिस ने वन विभाग के द्वारा यह कन्फर्म करने की कोशिश की गयी कि घटनास्थल किस जिले में है, लेकिन गावां रेंजर अनिल कुमार ने भी घटनास्थल को डोमचांच वन क्षेत्र के चल्हवातरी मौजा का बता दिया. दूसरी ओर, डोमचांच रेंजर घटनास्थल को गावां वन क्षेत्र के नगुवां मौजा में होने की बात पर अड़े रहे. इनका कहना था कि नदी के पार का इलाका गिरिडीह जिले का है. इसी खींचतान में थाना क्षेत्र के निर्धारण में 5 घंटे तक पुलिस माथापच्ची करती रही.
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इस संबंध में वन प्रक्षेत्र पदाधिकारी, डोमचांच केके ओझा ने बताया कि घटनास्थल ढाब थाना से करीब 10 किलोमीटर एवं इसकी सीमा से 500 मीटर की दूरी पर भले ही है, पर चरका पहाड़ा का इलाका गिरिडीह में पड़ता है. यहां पुरानी माइंस में खनन किया जा रहा था, जिसमें चाल धंसने से 4 लोगों की मौत की बातें सामने आयी है. उन्होंने कहा कि डोमचांच प्रक्षेत्र में माइका और ढिबरा के अवैध खनन एवं कारोबार पर रोक लगाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है. सख्ती आगे भी जारी रहेगी.
घटना की जांच को लेकर गिरिडीह जिले के खोरीमहुआ अनुमंडल के एसडीओ धीरेंद्र सिंह एवं गिरिडीह के डीएमओ सतीश नायक भी दोपहर 1:30 बजे यहां पहुंच कर घटनास्थल का मुआयना किया. इसके बाद वहां मौजूद दोनों जिलों की पुलिस एवं वन विभाग के कर्मचारियों से बात कर घटनास्थल किस क्षेत्र में पड़ रहा है इस बारे में पूरी जानकारी ली. एसडीओ ने डीएफओ से बात करने के बाद गूगल लोकेशन के आधार पर गावां वनपाल को मामला दर्ज कराने का निर्देश दिया. एसडीओ के हस्तक्षेप के बाद यह तय हुआ कि घटनास्थल गावां वन क्षेत्र में ही है और इस घटना से संबंधित सभी तरह के एफआईआर गावां थाना और गावां वन प्रक्षेत्र में ही दर्ज होंगे.
बताया जाता है कि घटनास्थल जंगल के काफी अंदर है. यहां जाने के लिए रास्ता भी सही से नहीं है. कोडरमा के पदाधिकारी जहां तक रास्ता सही था वहां तक वाहन से गये. इसके बाद करीब 4-5 किलोमीटर दूर पैदल चल कर घटनास्थल पर पहुंचे. बाद में गिरिडीह के वरीय अधिकारी मोटरसाइकिल से मौके पर आये एवं घटनास्थल को लेकर निर्णय हुआ.
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Posted By : Samir Ranjan.