धनबाद के SNMMCH में रखे शवों को चूहों ने कुतरा, परिजनों ने किया हंगामा

धनबाद के SNMMCH में दो शवों के साथ अमानवीय घटना सामने आयी है. दरअसल, अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के कारण यहां रखे गये शवों को चूहों ने कुतर दिया. जिसके बाद परिजनों ने हंगामा कर जांच की मांग की है.

By Prabhat Khabar News Desk | November 30, 2022 9:02 AM

Dhanbad News: शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल (SNMMCH) धनबाद की इमरजेंसी में रखे दो शवों के साथ अमानवीय घटना सामने आयी है. अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के कारण यहां रखे गये शवों को चूहों ने कुतर दिया. घटना मंगलवार की है. मोर्चरी का फ्रीजर खराब होने के चलते शवों को इमरजेंसी के बरामदे में रखा गया था. शवों के पेट की बायीं ओर घाव का निशान था. वहां से सात इंच व्यास में मांस गायब था. पेट की बायीं ओर गोल घाव का निशान था. निशान देख दोनों मृतकों के परिजनों ने मंगलवार को किडनी निकालने का आरोप लगा हंगामा किया. परिजनों ने एक ही जगह घाव का निशान देख किडनी निकालने की आशंका जतायी. उन्होंने जांच की मांग भी की.

अस्पताल में रखे शवों

पोस्टमार्टम करने वाले डॉ शुभेंदु ने दोनों शवों पर मिले घाव का निशान मरने के बाद का बताया है. डॉ शुभेंदु ने कहा कि चूहों के कुतरने से घाव का निशान बना है. बताते चलें कि सोमवार को सिंदरी और बरोरा में हुई दो अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं में साहिल ईशान (21) और दीपू कुमार (28) की मौत हो गयी थी.

पोस्टमार्टम हाउस ले जाने से पहले निशान

शवों को पोस्टमार्टम हाउस ले जाने के दौरान परिजनों ने दोनों के शरीर पर घाव के निशान होने की जानकारी मिली. पोस्टमार्टम हाउस ले जाने से पहले दोनों के शव से चादर उठायी गयी. इसी दौरान साहिल ईशान के परिजनों की नजर पहले एक शव पर पड़ी. शरीर पर घाव का निशान बना देखा, जो पहले नहीं था. इसके बाद दीपू कुमार के परिजनों ने भी शरीर पर घाव का निशान देखा.

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जांच कमेटी गठित

डीसी संदीप सिंह के निर्देश पर मामले की जांच के िलए एक कमेटी बनायी गयी है. डीआरडीए डायरेक्टर मुमताज अली अहमद नेतृत्व करेगे. टीम में मजिस्ट्रेट बंधु कच्छप, सरायढेला थाना प्रभारी वीर कुमार, डॉ जिंदल शामिल है. तीन सदस्यीय टीम जांच के िलए मंगलवार की शाम एसएनएमएमसीएच पहुंची. डायरेक्टर मुमताज अली अहमद ने बताया कि इमरजेंसी में लगा सीसीटीवी कैमरा खंगाला जा रहा है. सोमवार की रात ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों से भी पूछताछ की जाएगी. 48 घंटों के अंदर जांच रिपोर्ट डीसी को सौंपी जायेगी.

मेडिकल स्टाफ की लापरवाही से ऐसा हुआ है. मोर्चरी के खराब होने की जानकारी मुझे नहीं है. जांच करायी जायेगी. इसमें जो भी दोषी पाये जायेंगे, उन पर कार्रवाई होगी.

डॉ अरुण कुमार बरनवाल, अधीक्षक, एसएनएमएमसीएच

इमरजेंसी की मोर्चरी खराब होने के कारण शवों को बरामदे में रखा जा रहा है. इससे पहले भी पोस्टमार्टम के लिए पहुंचने वाले कई शव के शरीर पर चूहों के कुतरने की वजह से घाव का निशान पाया गया था.

डॉ शुभेंदु

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