Jharkhand Crime News: धनबाद जिले के बाघमारा थाना अंतर्गत बीसीसीएल ब्लॉक दो क्षेत्र के बेनीडीह गोलीकांड में मारे गये मृतकों की पत्नियों ने बच्चों के साथ आत्मदाह की धमकी दी है. इनलोगों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए दोषियों को बचाने का आरोप लगाया.
आत्मदाह की दी चेतावनी
घटना के 40वें दिन घटनास्थल पर पत्रकारों से बात करते हुए मृतकों की पत्नियों ने कहा कि पुलिस मुआवजा दिलाने के नाम पर बरगला रही है. वहीं, दोषियों को बचाते हुए केवल सीआईएसएफ के खिलाफ मामला दर्ज किया और अवैध डिपो संचालकों के नाम पर केस होने नहीं दिया. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर न्याय नहीं मिला, तो बच्चों के साथ इसी साइडिंग में आत्मदाह कर लेंगे.
घटना का जिक्र करते ही छलके आंसू
मृतक प्रितम चौहान की पत्नी सोनिया देवी, मृतक शहजादा अंसारी की पत्नी रोजी खातून एवं मृतक शमीम अंसारी की पत्नी उम्मे कुलशुम अपने छोटे- छोटे बच्चों के साथ घटनास्थल पर पहुंची थी. घटना का जिक्र करते हुए सभी के आंखों से आंसू छलक पड़े. न्याय की गुहार लगाने के लिए साइडिंग में अधिकारी को खोज रहे थे, लेकिन कोई अधिकारी मौके पर नहीं मिला.
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कोयला चोर नहीं थे हमारे पति, फिर भी गोली मारा गया
तीनों मृतकों की बेवाओं में सोनिया देवी, रोजी खातून एवं उम्मे कुलशुम ने कहा कि मेरे पति चोर नहीं थे. वह अवैध कोयला चोरी का विरोध कर रहे थे. घटना की रात 19 नंवबर, 2022 को भी विरोध करने के लिए गये थे, लेकिन एक साजिश के तहत अवैध कोल डिपो संचालक राजेश यादव, मुन्ना यादव एवं गोपाल महतो ने सीआईएसएफ की क्विक रिस्पॉन्स टीम के साथ फर्जी मुठभेड़ में शामिल कराया. घटना के दूसरे- तीसरे दिन ही थाना में अवैध कोयला डिपो संचालक, बीसीसीएल प्रबंधन एवं सीआईएसएफ के खिलाफ लिखित शिकायत थाना में दिए.
बाघमारा थाना के बड़ा बाबू पर आरोप
बाघमारा थाना के बड़ा बाबू ने मुआवजा दिलाने का आश्वासन देते हुए अलग- अलग शिकायतों को बदलवा कर एक ही शिकायत मानकर केवल सीआईएसएफ के खिलाफ मामला दर्ज किया. लेकिन, घटना के 40वें दिन बीत जाने के बाद भी किसी पर कोई कार्रवाई नही हुई. किसी तरह का कोई मुआवजा मिला और ना ही इंसाफ, बल्कि क्षेत्र में अफवाह फैलाया गया कि हमलोगों को पांच लाख रुपये मिल गया है जबकि सच्चाई यह है कि हमलोगों को एक रुपया अभी तक नहीं मिला.
शिकायतों की कर दिए अनसुना
शिकायत लेकर ग्रामीण एसपी के पास भी गये थे, लेकिन हमलोगों की शिकायतों को अनसुना कर दिए. आजतक कहीं से न्याय नहीं मिला. दर- दर की ठोकरें खा रहे हैं. कोई अधिकारी कुछ बताते नहीं हैं. अब हमलोगों के बीच रोजी- रोटी की समस्या उत्पन्न हो गयी है. छोटे- छोटे बच्चों को भरण पोषण करने में तकलीफ हो रही है. हमलोगों का सहारा तो सीआईएसएफ ने छिन लिया. अब हमलोग कहां जाएंगे. सबलोग बड़े- बड़े वादे किये, लेकिन कुछ नहीं मिला.
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रिपोर्ट : शंकर प्रसाद साव, बाघमारा, धनबाद.