UP Vidhan Sabha Chunav 2022 : मोदी मंत्रिमंडल (modi cabinet) में विस्तार और फेरबदल के बाद अब बैठकों का दौर चलने वाला है. नए मंत्रियों संग गुरुवार को पीएम मोदी ताबड़तोड़ बैठक करने वाले हैं. यदि केंद्रीय कैबिनेट विस्तार पर नजर डालें तो इसमें अगले साल होनेवाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (up election 2022) का ध्यान रखा गया है. कैबिनेट में उत्तर प्रदेश के जिन सात मंत्रियों को शामिल किया गया है, उनके चयन में जातिगत समीकरण को साधा गया है.
नये कैबिनेट में सूबे से तीन ओबीसी, तीन दलित और एक ब्राह्मण समुदाय के नेता को शामिल किया गया है. हालांकि, इन सात चेहरों में से केवल एक सहयोगी दल का है और शेष भाजपा के ही सांसद हैं. मोदी कैबिनेट में शामिल किये गये मंत्रियों में महाराजगंज से भाजपा सांसद पंकज चौधरी, मिर्जापुर से भाजपा की सहयोगी अपना दल (एस) से सांसद अनुप्रिया पटेल और बदायूं निवासी राज्यसभा सदस्य बीएल वर्मा पिछड़े वर्ग से आते हैं.
वहीं, अनुसूचित जाति से आनेवाले आगरा से भाजपा सांसद सत्यपाल सिंह बघेल- धनगर, जालौन के सांसद भानु प्रताप वर्मा- कोरी और लखनऊ के मोहनलालगंज से सांसद कौशल किशोर- पासी समाज से आते हैं. इनके अलावा, लखीमपुर खीरी से अजय कुमार ब्राह्मण समाज से हैं.
27 मंत्री ओबीसी : नई कैबिनेट की बात करें तो इसमें ओबीसी के 27 मंत्रियों को शामिल किया गया है, जिनमें से 19 अति पिछड़ा जातियों से हैं. यही नहीं ओबीसी समुदाय के पांच मंत्रियों को कैबिनेट रैंक दी गई है. ये ओबीसी मंत्री 15 राज्यों से हैं. वहीं, पांच मंत्री अलग-अलग अल्पसंख्यक समुदाय से हैं. इनमें एक मुस्लिम, एक सिख, दो बौद्ध और एक इसाई समुदाय से आते हैं.
-12 मंत्री दलित समुदाय से, इनमें से हर मंत्री अलग एससी कम्युनिटी से, 12 मंत्रियों में से दो मंत्रियों को कैबिनेट रैंक
-03 नये मंत्री आदिवासी समुदाय से, कैबिनेट विस्तार के बाद मंत्रिमंडल में अनुसूचित जनजाति के कुल आठ मंत्री
-08 राज्यों अरुणाचल, झारखंड, छत्तीसगढ़, प बंगाल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओड़िशा व असम से हैं आठों मंत्री
-27 मंत्री ओबीसी समुदाय से, जिनमें से 19 अति पिछड़ा जातियों से, इस समुदाय के पांच मंत्रियों को कैबिनेट रैंक
Posted By : Amitabh Kumar