श्रावणी मेला को लेकर युवाओं ने की पहल, 151 यूनिट रक्त जमा करने का था लक्ष्य

देवघर : समाज में जब भी कोई क्रांति या बड़ा बदलाव आया है तो युवाओं की इसमें अहम भूमिका रही है. जोश व जुनून से भरे युवाओं की रगों में फड़कते खून से समाज को नयी दिशा भी मिली है और लोगों के लिए प्रेरणा भी बनी है. श्रावणी मेला के मद्देनजर सामाजिक पहल करते […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 28, 2018 5:59 AM
देवघर : समाज में जब भी कोई क्रांति या बड़ा बदलाव आया है तो युवाओं की इसमें अहम भूमिका रही है. जोश व जुनून से भरे युवाओं की रगों में फड़कते खून से समाज को नयी दिशा भी मिली है और लोगों के लिए प्रेरणा भी बनी है. श्रावणी मेला के मद्देनजर सामाजिक पहल करते हुए देवघर के युवाओं ने रक्तदान का कीर्तिमान स्थापित किया है.
श्रावणी मेला में कई बार हादसे में घायल कांवरियों को रक्त की जरूरत पड़ जाती थी. ब्लड बैंक में रक्त नहीं रहने पर काफी परेशानी होती थी. चूंकि श्रावणी मेला में लाखों कांवरिये आते हैं, लेकिन देवघर के ब्लड बैंक में पर्याप्त मात्रा में ब्लड नहीं मिल पाता था. इसी समस्या को देखते हुए इस साल देवघर के युवा कर्तव्य परिवार ने पहले वर्षगांठ पर शुक्रवार को 101 यूनिट रक्तदान कर एक रिकॉर्ड कायम किया है. हालांकि, युवाओं ने 151 यूनिट रक्तदान का लक्ष्य रखा था. लेकिन, बारिश के कारण ऐसा नहीं हो सका.
40 सदस्य ऐसे थे जिन्होंने पहली बार रक्तदान किया. जबकि 15 सदस्य किसी कारणवश रक्तदान के लिये अनफिट हो गये. इस वजह से लक्ष्य हासिल करने में थोड़ी कठिनाई हुई. रक्तदान परिवार दो व्हाट्सएप ग्रुप के जरिये करीब 400 सदस्यों से हर पल संपर्क स्थापित करती है. जब भी किसी जरूरतमंद को ब्लड की जरूरत होती है तो ये हमेशा खड़े होते हैं. एक साल में करीब 600 यूनिट का रक्तदान कर भी इस संगठन ने रिकॉर्ड बनाया है.
रक्तदान को लेकर ग्रुप के सदस्य अक्सर जागरुकता अभियान भी चलाते हैं. इस आयोजन को सफल बनाने के लिए स्कूल, कॉलेज सहित सभी शिक्षण संस्थानों से एक सप्ताह से संपर्क किया जा रहा था. मंदिर समेत आसपास के इलाकों में पहुंचकर सदस्यों ने रक्तदान शिविर को सफल बनाने का आग्रह पुरोहितों व अन्य से किया था.
रक्तदान शिविर को लेकर सुबह से ही सदस्य काफी उत्साहित रहे. पहली बार रक्तदान करने वाले सदस्यों की संख्या करीब 40 रही. वहीं तीन महिला सदस्यों ने भी ब्लड बैंक पहुंचकर रक्तदान किया.
रक्तदान शिविर को सफल बनाने में सुमित्रा झा, आशा सिंह, विजय प्रताप सनातन, मुन्ना झा, ललन मिश्रा, चंद्रमोहन भारती, मनीष सिंह, अमन, हरदेव व अन्य की भूमिका सराहनीय रही. इस अवसर पर मो मनोवर, मो शकील भी उपस्थित थे.

Next Article

Exit mobile version