कोलकाता : पश्चिम बंगाल (West Bengal) की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) को पत्र लिखकर 25,000 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता (Financial Assistance) मांगी है, ताकि राज्य सरकार लोगों को मुफ्त राशन मुहैया कराने के अपने वादे को पूरा कर सके. बनर्जी ने लिखा है कि कोविड-19 (COVID-19) के कारण लागू राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन (Lockdown) से सभी व्यापार ठप हो गये हैं और राजस्व में भी कमी आयी है, ऐसे में राज्य को वित्तीय सहायता की आवश्यकता है.
उन्होंने लिखा है, ‘हमारे राज्य की वित्तीय स्थिति भी अन्य राज्यों की तरह ही है, बेहद खराब स्थिति है, क्योंकि सभी व्यापार बंद होने के कारण राजस्व नहीं आ रहा है. इसके बावजूद हम इस महीने किसी तरह सरकारी कर्मचारियों को वेतन, भत्ते और पेंशन दे सकें हैं. हालांकि, देश के कुछ बड़े राज्य भी पूरी तरह ऐसा करने में सक्षम नहीं हुए हैं. पूर्ववर्ती सरकार द्वारा छोड़े गये कर्ज के बावजूद हम अभी तक सेवा प्रदान कर पा रहे हैं, लेकिन भविष्य अनिश्चित है.’
उन्होंने लिखा है, ‘इसके अलावा हमें लड़कियों, छात्रों, किसानों, असंगठित क्षेत्र के कामगारों, कमजोर तबकों, अल्पसंख्यकों, एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग से किये गये वादों को भी पूरी करना है. हमें करीब नौ करोड़ लोगों को मुफ्त राशन मुहैया कराने के अपने वादे को भी पूरा करना है, जो इस वक्त उनके जीवन रक्षा के लिए अनिवार्य है.’
ममता बनर्जी ने कहा कि केंद्र को पश्चिम बंगाल को 25,000 करोड़ रुपये देने चाहिए और राज्य के हिस्से की अन्य राशि भी जारी करनी चाहिए.उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल में कोरोना वायरस से अब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है. प्रदेश में कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से फैल रहा है. उसी तरह मृतकों की संख्या में भी इजाफा हुआ है.
यहां तक कि कोलकाता स्थित भारतीय सेना के पूर्वी कमान मुख्यालय में कई लोग इस जानलेवा विषाणु से पीड़ित पाये गये हैं. हुगली जिला में शेवराफुली से दो व्यक्ति और पूर्वी मेदिनीपुर जिलाके एगरा में एक अन्य व्यक्ति कोरोना वायरस से संक्रमित पाये गये हैं. इस तरह राज्य में इस महामारी से पीड़ित लोगों की संख्या बढ़कर 34 हो गयी है.