सिर्फ नकदी के भरोसे रह जाएगा अमेरिका, डिफॉल्टर होने की ओर बढ़ रही है सरकार

वाशिंगटन : अमेरिका में ऐतिहासिक शटडाउन दूसरे हफ्ते में प्रवेश कर चुका है. रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स के बीच कोई समझौता न होने पाने की वजह से सरकार धीरे-धीरे पहली बार डिफॉल्टर होने की ओर बढ़ रही है. राष्ट्रपति बराक ओबामा अपने रुख पर अड़े हैं. वह ओबामाकेयर पर समझौता करने को तैयार नहीं. इसकी वजह […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | October 9, 2013 7:27 AM

वाशिंगटन : अमेरिका में ऐतिहासिक शटडाउन दूसरे हफ्ते में प्रवेश कर चुका है. रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स के बीच कोई समझौता न होने पाने की वजह से सरकार धीरे-धीरे पहली बार डिफॉल्टर होने की ओर बढ़ रही है. राष्ट्रपति बराक ओबामा अपने रुख पर अड़े हैं.

वह ओबामाकेयर पर समझौता करने को तैयार नहीं. इसकी वजह से 17 अक्टूबर की वह तारीख दिनोंदिन नजदीक आती जा रही है, जिसके बाद सरकार की उधार लेने की क्षमता खत्म हो जाएगी और देश केवल नकदी के भरोसे रह जाएगा. पार्टी के कट्टरवादी सदस्यों के साथ खड़े हाउस के अध्यक्ष जॉन बोहनर ने रविवार को कहा कि बिना कर बढ़ाए खर्च में कटौती के मुद्दे पर राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ गंभीर चर्चा किए बगैर अपने रुख से पीछे नहीं हटेंगे.

अमेरिकी शटडाउन के दूसरे सप्ताह में प्रवेश करने के साथ ही बोहनर ने कहा, ‘एक साफ कर्ज सीमा पारित करने के लिए हाउस में मतदान नहीं होता. राष्ट्रपति हमारे साथ बातचीत न करके ‘डिफाल्ट’ के खतरे को निमंत्रण दे रहे हैं.’

अमेरिका 17 अक्टूबर को उधारी लेने की अपनी सीमा पार कर सकता है. वित्त मंत्री जैक लीव ने कहा कि अमेरिकी सरकार को बिना सोचे कर्ज न चुकाने की स्थिति में डिफाल्टिंग के खतरे के लिए छोड़कर कांग्रेस आग से खेल रही है.

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