Largest Solar Plant: पटना. लखीसराय जिले के कजरा में राज्य की सबसे बड़ी सौर ऊर्जा उत्पादन और देश की सबसे बड़ी (495 मेगावाट आवर) बैट्री भंडारण सौर ऊर्जा परियोजना अगस्त 2025 से शुरू होने की उम्मीद है. इसकी दो परियोजनाओं को मिला कर 301 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन होगा, जबकि उच्च क्षमता की बैटरी की मदद से 495 मेगावाट आवर बिजली को संरक्षित कर इसकी पीक आवर खासकर रात के समय इसकी सप्लाइ की जायेगी. इससे बिजली की किल्लत काफी हद तक दूर होगी. ऊर्जा विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक कजरा सौर ऊर्जा परियोजना के पहले चरण में 185 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता का विकास हो रहा है. इसके साथ ही 254 मेगावाट आवर बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली की स्थापना की जा रही है. कजरा प्रथम चरण परियोजना के कार्यान्वयन की जिम्मेदारी मेसर्स लार्सन एंड टूब्रो (एलएंडटी) को सौंपी गयी है. वहीं, दूसरे चरण में 116 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता का विकास किया जा रहा है. साथ ही 241 मेगावाट आवर बैटरी ऊर्जा भंडारण का विकास होगा. राज्य मंत्रिपरिषद से स्वीकृति मिलने के बाद इस परियोजना के लिए निविदा जारी कर दी गयी है. दोनों परियोजनाएं 2025-26 में पूरी कर ली जायेगी.
रात में भी निर्बाध बिजली की आपूर्ति होगी सुनिश्चित
विभाग के मुताबिक यह प्रणाली देश की सबसे बड़ी बैटरी भंडारण प्रणाली होगी, जिससे बिहार को पीक समय में भी सस्ती और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी. यह परियोजना नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देगी और पारंपरिक जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता को कम करेगी. रात के समय भी बिजली की निर्बाध आपूर्ति हो सकेगी. अधिकारियों ने बताया कि कजरा में क्रियान्वित दोनों सौर ऊर्जा परियोजना की कुल लागत 1810.34 करोड़ रुपया है, जिसे 80-20 वित्तीय मॉडल के तहत पूरा किया जायेगा. इसमें कुल लागत का 80 प्रतिशत विभिन्न वित्तीय संस्थानों से, जबकि शेष 20 प्रतिशत पूंजीगत निवेश के रूप में जुटाया जा रहा है. कजरा सौर ऊर्जा परियोजना के लिए 1232 एकड़ भूमि अधिगृहित की गयी है. इससे ऊर्जा उत्पादन बढ़ने के साथ-साथ बिहार में रोजगार के नये अवसर भी सृजित होंगे. निर्माण कार्य, रखरखाव और संचालन के लिए कुशल एवं अकुशल श्रमिकों को रोजगार मिलेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी काफी लाभ मिलेगा.
ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध : बिजेंद्र यादव
ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि राज्य सरकार ऊर्जा उत्पादन क्षमता बढ़ाने, पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित करने और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. कजरा की इन दोनों महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के पूर्ण हो जाने पर बिहार में न केवल 301 मेगावाट हरित ऊर्जा की बड़ी उपलब्धता होगी, बल्कि देश की सबसे बड़ी 495 मेगावाट आवर विद्युत बैटरी भंडारण क्षमता के प्रणाली की स्थापना होगी, जिससे राज्य के लोगों को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली मिलेगी. दोनों परियोजनाओं के पूरा होने के बाद बिहार को अतिरिक्त ऊर्जा आपूर्ति का लाभ मिलने के साथ ही यह नवीकरणीय ऊर्जा दायित्व (रिन्यूएबल एनर्जी ऑब्लिगेशन) को पूरा करने में भी सहायक होगा. यह परियोजना हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभायेगी. अक्षय ऊर्जा स्रोतों से बिजली उत्पादन बढ़ने से राज्य में कार्बन उत्सर्जन में कमी आयेगी, जिससे जलवायु परिवर्तन से निपटने में सहायता मिलेगी.
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